बूंद-बूंद को तरसे ज्याड़ी गांव के 15 परिवार
उत्तराखंड

बूंद-बूंद को तरसे ज्याड़ी गांव के 15 परिवार

रानीखेत : ताड़ीखेत ब्लाक के सुदूर गावों में सर्दियों में भी ग्रामीणों के हलक सूख रहे हैं। आलम यह है कि करीब दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक जल स्त्रोत व कोसी नदी से पानी पीना मजबूरी बन चुका है। ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था को ठोस कदम उठाए जाने की माग उठाई है।

ताड़ीखेत ब्लाक के सुदूर ज्याड़ी गाव में ग्रामीण पेयजल के लिए तरस रहे हैं। बीते पाच माह से ग्रामीण गाव से दो किलोमीटर दूर अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित प्राकृतिक जल स्त्रोत व कोसी नदी का पानी पीने को मजबूर हैं। आलम यह है कि बड़े, बूढ़े, महिलाएं व छोटे बच्चे तक सिर पर दो किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गाव के करीब पंद्रह से ज्यादा परिवारों को भीषण पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पहले पटोरी खूपा जल स्त्रोत से पेयजल मिल जाता था पर अब उक्त पेयजल स्त्रोत के सूख जाने से गाव की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। स्थानीय महेश नैनवाल, दीप नैनवाल, करम सिंह, भगवान सिंह, चंदन सिंह, दीपक नेगी, हरीश नैनवाल, पंकज नेगी, कमल नेगी आदि ने पेयजल व्यवस्था को ठोस कदम उठाए जाने की माग की है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि गाव की उपेक्षा की गई तो ग्रामीणों को साथ लेकर आदोलन शुरु किया जाएगा।

‘गाव में विभाग की कोई योजना नहीं है। मल्ला च्याड़ी तक आपूर्ति की जाती है। पता लगाया गया है कि जिला पंचायत मद से ग्रामीणों ने ग्राम समूह की योजना से कार्य कराया था।

मनोज पाडे, अवर अभियंता जल संस्थान’

चार दिन बाद मिल रहा है सौ लीटर पानी

द्वाराहाट : नगर के पूर्वी बाजार वार्ड की पेयजल वितरण व्यवस्था चरमरा जाने से करीब 150 उपभोक्ता खासे परेशान हैं। कहा कि चार दिन बाद पानी देने के बावजूद मात्र 100 लीटर पानी दिया जा रहा। विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा।

नगर के पूर्वी बाजार के बाशिदे लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के करीब 150 उपभोक्ता समस्या के समाधान के लिए कई बार आदोलन भी कर चुके हैं। बीच में समस्या का समाधान हो भी गया था। मगर करीब तीन माह से इस क्षेत्र में पानी की आपूर्ति नहीं के बराबर है। उपभोक्ताओं ने कहा कि कभी कभी तीसरे तो कभी दस दिन तक भी पानी की बूंद नहीं टपकती। मामले की कई बार विभाग के सम्मुख दुखड़ा रोया। यहा तक कि सभासद आनंदी साह ने उक्त क्षेत्र में नियमित आपूर्ति के लिए मोटे पाइप बिछाने का प्रस्ताव जल संस्थान को दिया। मगर उसमें भी विभाग बजट का रोना रो रहा। पेयजल समस्या से जूझ रहे तारा पाडे, बसंती देवी, पुष्पा देवी, संतोष तिवारी, देव सिंह किरौला आदि ने चेतावनी दी कि शीघ्र समाधान न होने पर जल संस्थान कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

‘मात्रा चाहे कम हो लेकिन पूर्वी बाजार वार्ड में रोस्टर के आधार पर पानी दिया जा रहा है। फिर भी जाच कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। मोटी पाइप लाइन बिछाने के लिए अभी बजट नहीं है।

एसएस रौतेला, कनिष्ठ अभियंता जल संस्थान

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