29 अगस्त 2022 | जस्टिस उदय उमेश ललित ने शनिवार 27 अगस्त को देश के 49वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के तौर पर शपथ ली। हालांकि उनका पहला वर्किंग डे सोमवार 29 अगस्त से शुरू हुआ। मास्टर ऑफ रोस्टर जस्टिस ललित जस्टिस ललित ने केस लिस्टिंग में एक रिफॉर्म के साथ 15 बेंचों को 900 मामलों की सुनवाई सौंपी है। यानी एक बेंच 60 केस सुनेगी और 4 मिनट में एक केस सुलझाएगी।
इस तरह सुबह 10.30 से शाम 4 बजे तक करीब साढ़े चार घंटों का समय सुनवाई के लिए निर्धारित रहेगा। जस्टिस एमआर शाह की बेंच सबसे ज्यादा 65 मामले सुनेगी।
30 अगस्त से लागू होगा CJI ललित का पहला रिफॉर्म
जस्टिस ललित ने आते ही सबसे पहला सुधार मामलों की सुनवाई को लेकर किया है। इस सुधार के तहत मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक सभी बेंच रेग्युलर केस की सुनवाई करेंगी, इसके बाद ही विविध (मिसलेनियस) को सुना जाएगा। यह सुधार 30 अगस्त से लागू होना है।
पहले नियम था कि दिन की शुरुआत में विविध मामलों को सुने जाते थे और लंच के बाद रेग्युलर केस का नंबर आता था, ऐसे में कई बार रेग्युलर केस की सुनवाई छूट जाती थी।
संविधान पीठ के पास भी हैं 25 मामले
जस्टिस ललित के 74 दिनों के कार्यकाल की शुरुआत में ही 25 मामलों का निपटारा संविधान पीठ में होना है। यानी ये मामले 5 जजों की बेंच में सुने जाएंगे। इनमें सबसे अहम महाराष्ट्र में शिंदे-उद्धव केस रहेगा। इसके अलावा संविधान में 103वां संशोधन अधिनियम 2019 को चुनौती, व्हाट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी, जल्लीकट्टू जैसे मामलों की सुनवाई भी संविधान पीठ में ही होगी।
सोर्स :- “दैनिक भास्कर”
