10 मार्च 2022 | कांकेर के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात बीएसएफ के जवान नक्सलियों से मुकाबला करने के साथ-साथ निर्माण कार्यों को भी सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि फोर्स ग्रामीणों का विश्वास जीतने में कामयाब हो रही है। वहीं क्षेत्र के विकास कार्यों में भी तेजी आई है। बीएसएफ के आईजी एसके त्यागी ने बताया कि वर्ष 2009 में छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान के लिए सीमा सुरक्षा बल को कांकेर जिला में तैनात किया गया। कांकेर के अति संवेदनशील बीहड़ों एवं दूरस्थ ग्रामीण तथा जंगली इलाके में सीमा सुरक्षा बल की टुकडिय़ां कठिनाइयों से लड़ते हुए तैनात हुई। सीमा सुरक्षा बल की तैनाती से पहले जिला कांकेर के अंदरूनी इलाके में नक्सलियों दबदबा था, जो किसी भी प्रकार के विकासात्मक कार्य का विरोध करते थे। सीमा सुरक्षा बल अपनी तैनाती के बाद अंदरूनी इलाके में कैंप स्थापित कर धीरे-धीरे गांव वालों का भरोसा जीतने में कामयाब हुआ, जिससे गांव वालों के दिल में सुरक्षा की भावना पैदा हुई है। साथ ही विकास के आयाम गढ़े जा रहे हैं।
जवानों की देखरेख में 45 सड़कों का निर्माण
आईजी ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल कोयलीबेड़ा प्रतापपुर सड़क निर्माण कार्य को भी सुरक्षा प्रदान कर रहा है, जो कामतेड़ा और कटगांव जैसे अति संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरता है। इसके अलावा सीमा सुरक्षा बल के तैनाती के इलाके में कुल 45 सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। बीएसएफ की निगरानी में अब तक 62 नए स्कूल, 16 अस्पताल, 103 आंगनबाड़ी, 22 पंचायत भवन, 19 कम्युनिटी हॉल और 169 कलवट का निर्माण हो चुका है।
बेरोजगार युवकों को वाहन रिपेयर की ट्रेनिंग
वर्ष 2021 में बीएसएफ ने कुल 40 सिविक एक्शन प्रोग्राम चलाए, जिसमें 23 हजार से अधिक लाभार्थियों को 52 लाख रुपए की सहायता सामाग्री बांटी गई। वर्ष 2021 में 24 मेडिकल कैंप लगाकर 5182 रोगियों को 6 लाख 50 हजार रुपए की दवाइयां वितरित की। स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पिछले 3 साल में 119 युवाओं को रोजगार प्राप्ति के लिए विभिन्न क्रियाकलापों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वर्तमान में बेरोजगार युवक दोपहिया वाहन रिपेयर कर रहे हैं।
Source;- ‘’दैनिक भास्कर’’
