राज्य सरकार का बड़ा फैसला-अब 3 लाख तक के फसल लोन पर किसानों को नहीं देना होगा ब्याज
महाराष्ट्र

राज्य सरकार का बड़ा फैसला-अब 3 लाख तक के फसल लोन पर किसानों को नहीं देना होगा ब्याज

  • केंद्र सरकार समय पर ब्याज चुकाने पर 3 लाख रुपए तक के फसल लोन पर 3 प्रतिशत की छूट देती है. ऐसे में अब किसानों को 6 प्रतिशत की रियायत मिलेगी और वे अपने शॉर्ट टर्म कॉर्प लोन को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर चुकाएंगे.

11जून-2021 | महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने गुरुवार को कहा कि तीन लाख रुपए तक के फसली लोन पर किसानों से ब्याज नहीं लिया जाएगा. इस फैसले का लाभ उन किसानों को मिलेगा जो तीन लाख रुपए के लोन पर नियमित तौर पर भुगतान करते हैं.मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी बयान के मुताबिक यह फैसला मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. इससे पहले एक से तीन लाख रुपए का फसली ऋण लेने और समय पर पुनभुर्गतान करने पर ब्याज में एक प्रतिशत की रियायत दी जाती थी. अब इस रियायत में दो प्रतिशत की (कुल तीन प्रतिशत) और वृद्धि की गई है. यह फैसला इसी खरीफ सत्र से लागू हो जाएगा.

केंद्र सरकार ने भी लिया था ऐसा फैसला

केंद्र की तरह राज्य में भी तीन लाख रुपए तक का फसली ऋण ब्याज मुक्त होगा. केंद्र ने भी ऐसे कृषि ऋण पर तीन प्रतिशत ब्याज हटा लिया था.इस साल के बजट में उप मुख्यमंत्री अजित पवार, जो वित्त विभाग का प्रभार भी संभाल रहे थे ने घोषणा की थी कि तीन लाख रुपए तक ऋण पर शून्य प्रतिशत ब्याज होगा. यह रियायत उन किसानों को डॉ पंजाबराव देशमुख फसल ऋण सब्सिडी योजना के तहत दी जाएगी जो समय पर कर्ज का पुनभुर्गतान करते हैं.

ब्याज दर में कुल 6 प्रतिशत की मिलेगी छूट

पहले 1 लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज दर में 3 प्रतिशत की छूट दी जाती थी. वहीं 1 लाख से लेकर 3 लाख रुपए तक के लोन पर 1 प्रतिशत की छूट राज्य सरकार की तरफ से दी जा रही थी. सीएमओ की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अब 3 लाख रुपए तक का कर्ज समय पर चुकाने पर 2 फीसदी की अतिरिक्त छूट मिलेगी.केंद्र सरकार समय पर ब्याज चुकाने पर 3 लाख रुपए तक के फसल लोन पर 3 प्रतिशत की छूट देती है. ऐसे में अब किसानों को 6 प्रतिशत की रियायत मिलेगी और वे अपने शॉर्ट टर्म कॉर्प लोन को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर चुकाएंगे.एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने ग्रीन क्लाइमेट फंड के माध्यम से मैंग्रोव और प्रवाल (मूंगे) संरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. बयान में कहा गया है कि यह परियोजना चार तटीय जिलों के 11 तालुकों में लागू की जाएगी. इसके तहत देवगढ़, मालवान, वेंगुर्ला (सिंधुदुर्ग जिला), दापोली, गुहाघर, राजापुर, रत्नागिरी (रत्नागिरी जिला), श्रीवर्धन, अलीबाग (रायगढ़ जिला) और पालघर, दहाणू (पालघर जिला) के तालुकों को कवर किया जाएगा.

Source : “TV9 भारतवर्ष”

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