नई दिल्ली।भारतीय नौसेना और ब्रिटिश रॉयल नेवी का अरब सागर में सैन्य अभ्यास जारी है। HMS प्रिंस ऑफ वेल्स के नेतृत्व में कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने भारत के स्वदेशी विमानवाहक INS विक्रांत के साथ पहली बार सैन्य अभ्यास किया है।
अरब सागर में भारतीय नौसेना और ब्रिटिश रॉयल नेवी का सैन्य अभ्यास जारी है। ‘अभ्यास कोंकण-25’ रविवार 5 अक्टूबर को शुरू हुआ, जिसका आज तीसरा दिन है। दोनों देशों के बीच चल रहा ये सैन्य अभ्यास 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस बीच भारत में ब्रिटेन के रक्षा सलाहकार ने बताया कि अभ्यास कोंकण 2025 के दौरान भारतीय और ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का ऐतिहासिक रूप से जुड़ाव हुआ। अभ्यास की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए एक्स पोस्ट में बताया कि अभ्यास कोंकण का उद्देश्य समुद्र में ब्रिटेन और भारतीय नौसेनाओं की संयुक्त समुद्री और हवाई क्षमताओं को बढ़ाना है।
ब्रिटेन का विमानवाहक पोत HMS प्रिंस ऑफ वेल्स के नेतृत्व में कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने भारत के स्वदेशी विमानवाहक INS विक्रांत के साथ पहली बार सैन्य अभ्यास किया है। भारत में ब्रिटेन दूतावास के रक्षा सलाहकार के मुताबिक अभ्यास के बाद बेड़ा मुंबई और गोवा का दौरा करेगा।इधर, भारतीय नौसेना ने अपने एक्स पोस्ट में बताया, “अभ्यास कोंकण-2025 सुरक्षित, खुला और मुक्त समुद्र सुनिश्चित करने, रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय समुद्री स्थिरता में योगदान देने की दिशा में साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है और भारत-यूके विजन 2035 के तहत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करेगा।”
ये सैन्य अभ्यास 5 से 12 अक्टूबर तक दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। अभ्यास के पहले बंदरगाह चरण में नौसेना के जवानों के बीच पेशेवर बातचीत, क्रॉस-डेक विजिट, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके अलावा ज्वाइंटवर्किंग ग्रुप मीटिंग और सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज भी निर्धारित है। वहीं दूसरे समुद्री चरण में जटिल समुद्री परिचालन अभ्यास शामिल होंगे, जो एंटी-एयर, एंटी सर्फेस और एंटी सबमरीन अभ्यास, फ्लाइंग ऑपरेशन और अन्य नौसैन्य कौशल विकास पर केंद्रित होंगे। सैन्य अभ्यास में शामिल दोनों देश विमानवाहक पोत, विध्वंसक, फ्रिगेट, पनडुब्बियां जैसे फ्रंटलाइन एसेट्स को तैनात करेंगे।
एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के नेतृत्व में यूके कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (यूके सीएसजी 25) की भागीदारी, जिसमें नॉर्वे और जापान की एसेट्स भी शामिल हैं, उसने इस साल के अभ्यास को और भी आकर्षक बना दिया है। भारत की ओर से आईएनएस विक्रांत के कैरियर बैटल ग्रुप के साथ सर्फेस, सब-सर्फेस और वायु लड़ाकू विमानों के साथ किया जाएगा। मालूम हो कि अभ्यास कोंकण साल 2004 के बाद से हर दो साल में होता है, जिसका मकसद दोनों नौसेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और समुद्री संचालन में समझ बढ़ना है।
