छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े मनी लॉंड्रिंग केस को रद्द कर दिया है. बताते चलें कि जांच एजेंसी ने साल 2019 में कई अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर रेड मारी थी. इस कार्रवाई से प्रदेश में हड़कंप मच गया था.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े मनी लॉंड्रिंग केस को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि इसमें अपराध से अर्जित कोई आय नहीं है. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि इस केस में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कोई अपराध नहीं बनता है.
बताते चलें कि जांच एजेंसी ने साल 2019 में कई अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर रेड मारी थी. इस कार्रवाई से प्रदेश में हड़कंप मच गया था. अफसरों से लेकर सियासी गलियारों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली थी. ईडी ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के अधिकारी, कांग्रेस नेताओं और शराब कारोबारियों से पूछताछ की थी.
इसके बाद ईडी ने 2000 करोड़ के घोटाले की बात कही थी. इसी मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश का भी नाम आया था. उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा कि मामले में ईसीआईआर और एफआईआर को देखने से पता चलता है कि विधेय अपराध नहीं हुए हैं.बताते चलें कि बीते दिनों शराब घोटाले में आरोपी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया गया था. उसे कोशा नगर टोल भिलाई के पास से EOW और सुपेला थाने की पुलिस ने अरेस्ट किया था. अनवर को 8 महीने पहले जमानत मिली थी. इस केस में ACB ने ईडी की सिफारिश पर 70 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इनमें अनवर और अरविंद का भी नाम है.
source tv9 bharatvarsh
