• June 9, 2026 11:23 am

कुड़मी को आदिवासी का दर्जा दिलाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला प्रतिनिधिमंडल, कही ये बात

Share More

14 दिसंबर 2022 |  झारखंड, पश्चिम बंगाल व ओड़िशा के कुड़मी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कुड़मी को आदिवासी (एसटी) की सूची में शामिल करने की मांग की है. इस संबंध में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) को एक ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बताया कि 1913 में प्रकाशित इंडिया गजट नोटिफिकेशन नंबर 550 में कुड़मी जनजाति को एवोरिजनल एनिमिस्ट मानते हुए छोटानागपुर के कुड़मियों को अन्य आदिवासियों के साथ भारतीय उत्तराधिकारी कानून 1865 के प्रावधानों से मुक्त रखा गया.

कुड़मियों ने 1921 तक की जनगणना का दिया है हवाला

इसमें यह भी कहा गया है कि उपरोक्त के अलावा जनगणना रिपोर्ट 1901 (Census Report 1901), जनगणना रिपोर्ट 1911 (Census Report 1911) व जनगणना रिपोर्ट 1921 (Census Report 1921) में भी स्पष्ट रूप से कुड़मी जनजाति को एवोरिजनल एनिमिस्ट (Kurmi Tribe Aboriginal Animist) के रूप में दर्ज किया गया. इसके अलावा बहुत सारे दस्तावेज होने के बावजूद कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर रखा गया है, जिसके कारण आज यह जनजाति अन्य सभी जनजातियों से रोजगार शिक्षा के साथ-साथ राजनीतिक भागीदारी में अंतिम पायदान पर चल गया है.


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *