सुपौल की बेटी शारदा सिन्हा ने अपने संगीत के जरिए न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में जिले का नाम रौशन किया है. उनके गीतों में मिथिला और बिहार की संस्कृति जीवंत होती थी.
बिहार के स्वर कोकिला और मिथिला की गौरवमयी बेटी स्वर्गीय शारदा सिन्हा (Sharda Sinha) के निधन के बाद शुक्रवार को सुपौल के गांधी मैदान में एक शोक सभा का आयोजन किया गया. सभा में बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर शारदा सिन्हा की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. सभा में उपस्थित लोगों ने सुपौल की बेटी को उनकी प्रतिभा के सम्मान में सरकार से भारत रत्न और शहर में बने नए टाउन हॉल भवन का नामकरण शारदा सिन्हा के नाम पर करने की मांग की.
गांधी मैदान में शारदा सिन्हा को दी गई श्रद्धांजलि
इस मौके पर लोगों ने कहा कि सुपौल की बेटी शारदा सिन्हा ने अपने संगीत के माध्यम से न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में जिले का नाम रौशन किया है. उनके गीतों में मिथिला और बिहार की संस्कृति जीवंत होती थी. एक स्थानीय निवासी ने कहा, “शारदा सिन्हा ने अपने जीवन में हमें गर्व करने का अवसर दिया. यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके योगदान को याद रखें और उन्हें सम्मान दें. सरकार उनको भारत रत्न दें साथ ही टाउन हॉल भवन का नामकरण उनके नाम पर करना हमारी ओर से उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.”
लोगों ने शारदा सिन्हा के योगदान को याद किया
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि शारदा सिन्हा के संगीत से जुड़े योगदान को अमर बनाने के लिए इस मांग का समर्थन लगातार बढ़ रहा है. इस प्रस्ताव को लेकर नागरिकों का मानना है कि यह कदम देश के युवाओं और भावी पीढ़ी को उनकी याद दिलाता रहेगा, ताकि वे अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर से प्रेरणा ले सकें. बता दें बिहार की स्वर कोकिला और लोक गायिका शारदा सिन्हा का बीते मंगलवार रात निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में रात 9:20 बजे अंतिम सांस ली. शारदा सिन्हा लंबे समय से बीमार चल रही थीं, उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
SOURCE – PROMPT TIMES
