हर खेत पानी- हर गांव सोलर स्ट्रीट लाइट और 20 लाख रोजगार से बदलेगा बिहार
बिहार

हर खेत पानी- हर गांव सोलर स्ट्रीट लाइट और 20 लाख रोजगार से बदलेगा बिहार

दरभंगा। बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने सोमवार को दो लाख 18 हजार 303 करोड़ का बजट पेश किया। कोरोना काल के बजट 2021-22 को लेकर दिनभर जिले के किसान, व्यवस्या, युवा वर्ग, प्रोफेसर, चिकित्सक और गृहणी टेलीविजन से चिपके हुए थे। सभी बजट में महंगाई नियंत्रण समेत 20 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करवाने की घोषणा से उत्साहित दिखे। बिहार सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सिचाई की पर्याप्त व्यवस्था की है। हर खेत में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। हर खेत में पानी पहुंचाने की योजना के लिए 550 करोड़ का का बजट प्रावधान किया गया है। राज्य के सभी गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट के लिए 150 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही बिहार बजट 2021-22 में सात निश्चय- दो, महिलाओं को सशक्त बनाने की योजना, युवाओं के स्किल विकास के लिए मेगा स्किल सेंटर और टूल रूम खोलने, गांवों की समृद्धि को ले पशुधन व मत्स्य संसाधन को विकसित करने, शहरों में बाईपास व फ्लाईओवर के लिए, शहरों में नदी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह व मोक्षधाम का निर्माण आदि को लेकर बजट में प्रावधान किए गए हैं। लगभग सभी सेक्टरों में विकास को लेकर पैसा का प्रावधान किया गया है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में वृद्धि को लेकर टैक्स में किसी भी तरह के छूट नहीं मिलने से एक बड़े वर्ग में निराशा देखी जा रही है।

  • बजट पर गृहिणियों ने दी प्रतिक्रिया

कोरोना संक्रमण के बाद रसोई पर महंगाई की बार पड़ी है। घरेलू सामानों की कीमत बढ़ी है। बजट में घरेलू सामानों की कीमत को लेकर कोई पहल नहीं की गई है। इससे निराशा झेलनी पड़ी।

पुष्पा सिंह, गृहिणी।

शिक्षा और रोजगार क्षेत्र में व्यापक बदलाव को लेकर जो पहल की गई है। वह सराहनीय है। 20 लाख रोजगार की बात राज्य हित में है। महिला को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर बजट में प्रावधान किया गया है। जो महिलाओं के लिए अच्छी पहल है।

प्रिया गुप्ता, गृहिणी।

  • किसानों ने कहा बेहतर बजट

बिहार के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बजट में कृषि व ग्रामीण इलाकों के विकास के रास्ते और बिहार की तरक्की का सफर तय करने के लिए जो विजन आम बजट में पेश किया है। उससे ग्रामीण इलाकों के लोग खासकर किसान काफी गदगद है। आम बजट में किसानों को हित में ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं बनाई गई है। किसानों की सबसे बड़ी समस्या फसलों की सिचाई व प्राकृतिक आपदा के समय हुए नुकसान की भरपाई करना होता है।

गंगा पासवान, किसान।

उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री ने किसानों व कृषि क्षेत्र के विकास का पूरा ख्याल रखा है। किसान जब खुशहाल होंगे तो देश व बिहार भी तरक्की करेगा। सरकार ने कृषि के विकास के साथ-साथ किसानों को लोन, मिट्टी जांच की व्यवस्था, सिचाई के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया जाना किसानों के हित में है।

आनंद मोहन झा,किसान।

  • अर्थशास्त्रियों ने कहा मिलाजुला बजट

कोरोना संक्रमण के बाद देश भारी आर्थिक संकट से जूझ रही है। इससे निपटने में लंबा समय लग सकता है। सरकार को राज्य के आर्थिक विकास को लेकर कंपनियां समेत अन्य गतिविधियों पर ध्यान देनी की जरूरी है। राज्य में कंपनियां स्थापित होंगी तब जाकर स्थायी रूप से अर्थव्यवस्था में बदलाव देखा जाएगा।

प्रो. विजय कुमार यादव, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग लनामिवि।

बिहार बजट 2021-22 सभी वर्गों को देखकर पेश किया गया है। शिक्षा- स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छी राशि दी गई है। साथ ही कृषि और रोजगार को लेकर भी बजट में प्रावाधना किया गया है। बजट भविष्य को देखकर पेश किया गया है।

प्रो. हरे कृष्ण सिंह, वाणिज्य व्यवसाय प्रशासन विभाग निदेशक, लनामिवि।

  • शोध एवं अनुसंधान के लिए अलग से राशि आवंटित करनी चाहिए

बिहार के उपमुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में शिक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध एवं अनुसंधान के लिए अलग से राशि आवंटित किया जाना चाहिए। तभी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात हम कर सकते हैं बाकी सब बेईमानी है।

प्रो. विनोद चौधरी, पूर्व विधान पार्षद।

आधारिक संरचना और शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए बिहार बजट में अच्छी राशि का प्रावधान किया गया है। बजट राष्ट्र की चुनौतियों को देखकर बनाई गई है। स्किल विकास के लिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने की बड़ी पहल की गई है। इससे भविष्य में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

डॉ. जितेंद्र नारायण, विभागाध्यक्ष, राजनीतिक शास्त्र विभाग, लनामिवि।

  • कहते हैं युवा वर्ग बिहार बजट में शिक्षा के क्षेत्र में गोल मटोल बातें की गई है। बदहाल स्कूलों-कॉलेजो की संस्थागत संरचना को ठीक करने, उच्च शिक्षा, रिसर्च वर्क आदि पर बजट में एक शब्द नही है। यदि हमारे विश्वविद्यालय के एकेडमिक कैलेंडर ठीक ही नही होंगे तब छात्राओं को कैसे शिक्षित किया जा सकता हैं।

प्रिस राज, जिलाध्यक्ष, आइसा।

बजट में जिस तरह से 20 लाख लोगों के रोजगार सृजन,आइटीआइ के आधुनिकीकरण एवं स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर,कृषि के विकास एवं वैज्ञानिक खेती पर जोर और सिचाई को सुलभ बनाने एवं महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए ऋण मुक्त ब्याज एवं 35 परसेंट आरक्षण मील का पत्थर साबित होगा। खासकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा जिससे आत्मनिर्भर बिहार की संकल्पना साकार होगी।

डॉ. निर्भय शंकर भारद्वाज।

बजट पुरी तरह संतुलित, समावेशी सर्वस्पर्शी, रोजगारपरक के साथ गांव, गरीब, किसान,मजदूर और युवाओं के उज्जवल भविष्य को समर्पित है। युवा शक्ति बिहार की प्रगति पर आधारित बजट है। राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं।

बालेन्दु झा।

कहते हैं, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष
बिहार बजट में 20 लाख बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने अच्छी राशि आवंटित की है। हालांकि पेट्रोल-डीजल के मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। इससे सबों को निराशा हाथ लगी है। सरकार पेट्रोल-डीजल पर 29 फीसद तक टैक्स लेती है। इसमें अगर थोड़ी छूट दी जाती , तो लोगों को राहत मिलती।

पवन सुरेका,

अध्यक्ष चैंबर ऑफ कॉमर्स।

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