भोपाल के सिक्योरिटी गार्ड हरिदेव समेत नामचीन डॉक्टर को सबसे पहले लगेगा टीका; भास्कर से कहा- मेरी खुशी का ठिकाना नहीं
मध्यप्रदेश

भोपाल के सिक्योरिटी गार्ड हरिदेव समेत नामचीन डॉक्टर को सबसे पहले लगेगा टीका; भास्कर से कहा- मेरी खुशी का ठिकाना नहीं

मध्य प्रदेश में सबसे पहला टीका जिले में अस्पताल के एक सिक्योरिटी गार्ड और एक नामचीन डॉक्टर को लगेगा। नामचीन डॉक्टर को शहर का ‘सेलिब्रिटी‘ नाम दिया गया है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने बताया, यह दोनों कौन होंगे, इसके लिए स्थानीय जिला प्रशासन को नाम तय करने की जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार टीका लगवाने के लिए कोई सफाई कर्मचारी तैयार नहीं हुआ, इसलिए जेपी अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड हरिदेव को सबसे पहला टीका लगाया जाएगा।

ग्वालमोहल्ला, रोशनपुरा के रहने वाले हरिदेव ने एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। उनका कहना है कि ‘ मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे पहला टीका लग रहा है। मैं देशहित में कर रहा हूं। मुझे कोई डर नहीं लग रहा। टीका लगवाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। इसके बाद भी ड्यूटी करूंगा। इसके अलावा एक डॉक्टर भी सूची में हैं।

हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कलेक्टर- कमिश्नर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कह चुके हैं कि कोशिश की जाए, पहला टीका सफाई कर्मचारी को लगाया जाए। इसके बाद अब यह स्थिति साफ हो गई है। खास बात है कि पहले डोज में प्रदेशभर में सिर्फ 4.16 लाख में से सिर्फ आधे यानी 2 लाख 8 हजार फ्रंट लाइन वर्कर्स को ही टीका लगाया जाएगा, ताकि किसी कारणवश टीका आने में देरी होती है, तो पहला डोज लेने वालों को दूसरा डोज समय पर दिया जा सके।

  • एप के माध्यम से चयन होगा वर्कर्स

केंद्र सरकार ने टीकाकरण के लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स को मोबाइल एप के माध्यम से पंजीबद्ध किया है। इसमें रजिस्टर्ड वर्कर्स को टीका लगाने का समय, दिन और जगह की जानकारी मोबाइल पर एसएमएस से भेजी जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा पहला टीका लगाने वाले वर्कर्स भी इसमें रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। हर जिले में सिर्फ दो फ्रंट लाइन वर्कर्स को स्थानीय प्रशासन द्वारा उद्घाटन के तौर पर टीका लगाया जाएगा। इसमें से एक सफाई कर्मी और एक नामचीन डॉक्टर होगा। यह महिला या पुरुष कोई भी हो सकता है।

  • मध्य प्रदेश को 5 लाख डोज मिले

पुणे से वैक्सीन मध्य प्रदेश में पहुंच गई है। पहली बार के लिए 5 लाख डोज भेजे गए हैं। इसमें से सबसे कम भोपाल डिवीजन को 94 हजार डोज मिले हैं। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने फ्रंट लाइन वॉरियर्स की जानकारी सरकार को भेज दी है। इसके लिए एप तैयार किया गया है। इसी के माध्यम से वर्कर्स को टीका लगाने की जानकारी दी जाएगी।

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