2 जनवरी 2024 ! गरीब, मजदूर परिवार के लोग सब्जी खरीदने के लिए दुकान पर तो जाते हैं, लेकिन सब्जी की आसमान छूती कीमत दुकानदार के मुंह से सुन बिना सब्जी खरीदे गरीबी का ताना बाना बुनते बैरंग घर वापस आ जाते हैं। कोई ऐसा सब्जी नही है जो 30 से 40 रुपये प्रतिकिलो से कम है। सब्जियों के दाम आसमान पर होने के कारण आमलोग महंगाई की मार से त्रस्त हैं। सब्जियों के दामों में एकाएक उछाल आने से आम आदमी अब सब्जियों को कम ही मात्रा में खरीदने पर मजबूर हैं।
दशरथपुर की नयनतारा देवी ने बताया कि गरीब आदमी आसमान छू चुकी सब्जी के दाम के कारण सब्जी थाली से गायब हो गया है। बंगलवा निवासी जयमंती देवी ने बताया कि सब्जी, प्याज अब गरीबों के लिए दिवास्वप्न हो गया है।
आलू भी खुदरा बाजार में 35 रुपये प्रतिकिलो बिक रहे है। आसमान छूती सब्जियों के दाम ने गृहणियों के रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। हरी सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। गरीब की थाली से चटनी तक दूर होने लगी है। दरअसल, हरी मिर्च तक के दाम में दोगुने तक का उछाल आया है।
राज्य ब्यूरो प्रमुख गितेश चंद्राकर
