• June 9, 2026 2:13 pm

सरकार का स्वास्थ्य पर विशेष फाेकस-सेहत पर रहेगा फाेकस, 7500 कराेड़ तक का हाे सकता है स्वास्थ्य बजट

Share More

1 नवम्बर 2021 | झारखंड में अगले वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में सरकार का स्वास्थ्य पर विशेष फाेकस हाेगा। इसमें 3500 कराेड़ तक की बढ़ाेतरी हाे सकती है। स्वास्थ्य विभाग का कुल बजट 7500 कराेड़ रुपए तक हाेने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सभी विभागाें काे कहा जा रहा है कि वह एक महीने के भीतर याेजना विभाग और वित्त विभाग काे याेजना व गैर याेजना बजट का प्रस्ताव साैंप दे।

केंद्र सरकार की हिदायत के बाद राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग का बजट बढ़ाने की गाइडलाइन तैयार की है। इसके मुताबिक स्वास्थ्य विभाग का बजट मूल बजट का कम से कम आठ प्रतिशत रखना है। इससे स्वास्थ्य विभाग के कुल बजट ( योजना और गैर योजना) में करीब 3500 कराेड़ रुपए तक की बढ़ाेतरी हाे सकती है।

चालू वित्त वर्ष में राज्य का मूल बजट 91,277 कराेड़ रुपए का है, जिसमें याेजना बजट 53,334 कराेड़ है। इनमें से स्वास्थ्य विभाग का मूल बजट 4433 कराेड़ और याेजना बजट 2984 कराेड़ रुपए है। आठ प्रतिशत के फाॅर्मूले पर याेजना बजट करीब 4500 कराेड़ रुपए का हाे सकता है। राज्य में फरवरी के अंतिम सप्ताह या मार्च के पहले सप्ताह में बजट पेश हाेने की संभावना है।

जानिए,सरकार क्याें बढ़ा रही स्वास्थ्य का बजट

काेराेना काल में सरकार ने स्वास्थ्य विभाग का बजट घटा दिया था। वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग का याेजना बजट 3022 कराेड़ और कुल बजट 4572 कराेड़ रुपए का था। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य विभाग के याेजना बजट काे घटाकर 2984 कराेड़ और कुल बजट 4433 कराेड़ रुपए कर दिया गया।

अब राज्य सरकार काे काेविड और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओ काे मजबूत करना है। इसके लिए सरकार काे स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर काे तैयार करना है। अगले साल सेहत के क्षेत्र में सरकार का यही फाेकस प्वाइंट हाेगा। इन कामाें में पैसे की कमी आड़े न आ जाए, इसी काे ध्यान में रखने हुए बजट में बढ़ाेतरी की जा रही है।

सातवें से चाैथे स्थान पर आ जाएगा स्वास्थ्य विभाग

विभागाें के याेजना बजट के मामले में अभी स्वास्थ्य विभाग सातवें स्थान पर है। अगले वित्तीय वर्ष में याेजना बजट 4500 कराेड़ रुपए हाेने की उम्मीद है। ऐसा हाेने पर यह सातवें पायदान से ऊपर उठकर चाैथे पायदान पर आ जाएगा।

इस बार भी सरकार आउटकम बजट पेश करेगी
चालू वित्तीय वर्ष में 11 विभागाें के लिए आउटकम बजट पेश हुआ था। ये विभाग थे- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पेयजल एवं स्वच्छता, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता, वन एवं पर्यावरण, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, खाद्य आपूर्ति, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा, कल्याण एवं समाज कल्याण। इस बार इसमें पथ निर्माण सहित कुछ और विभागाें काे भी जाेड़ा जा सकता है।

अभी विभागाें का बजट

  • विभाग बजट
  • ग्रामीण विकास 7380 करोड़
  • स्कूली शिक्षा 5897 करोड़
  • समाज कल्याण 5309 करोड़
  • ऊर्जा 4200 करोड़
  • पथ निर्माण 3480 करोड़
  • पेयजल स्वच्छता 3176 करोड़
  • स्वास्थ्य 2983 करोड़
  • कृषि 2973 करोड़

सरकारी राजस्व बढ़ाने पर चल रहा है मंथन
राज्य सरकार बजट का आकार बढ़ाने के साथ-साथ राजस्व वसूली बढ़ाने की कवायद में भी जुटी है। दूसरे राज्याें में राजस्व की स्थिति काे लेकर वित्त मंत्री के नेतृत्व में एक अध्ययन दल बना है। यह दल पड़ाेसी राज्याें में जाकर राजस्व वसूली का जायजा लेगा। बजट काे लेकर वित्त मंत्री डाॅ. रामेश्वर उरांव ने अक्टूबर में विभिन्न विभागाें के साथ दाे दाैर की बैठक की है।

इसमें विभागाें द्वारा किए गए कामकाज और अगले वित्त विर्ष के लिए बजट के लक्ष्य पर अधिकारियाें के साथ मंथन किया गया। पिछली बैठकाें में वित्त मंत्री ने विभागाें काे बजट के मुताबिक काम पर पैसे खर्च करने और आउटकम बजट के काॅन्सेप्ट के तहत काम करने की हिदायत दी थी।

क्या है आउटकम बजट

आउटकम बजट रिजल्ट ओरिएंटेड बजट है। इसमें बताया जाता है कि कितनी राशि खर्च की गई,और विभागाें की क्या उपलब्धि हुई। जेसे पेयजल या बिजली पहुंचाने के लिए इतनी राशि खर्च कर लाइन तैयार की गई, यह आउटपुट हुआ। लेकिन उस पाइप लाइन से कितने लाेगाें काे शुद्ध पानी मिल रहा है, यह आउटकम हाेगा।

Source :-“दैनिक भास्कर”


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *