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कोई गोल्‍ड मेडलिस्‍ट तो कोई बैंककर्मी, जानिये ये UPSC रैंक होल्‍डर्स कैसे पहुंचे सफलता के शिखर पर

ByPrompt Times

Aug 5, 2020
कोई गोल्‍ड मेडलिस्‍ट तो कोई बैंककर्मी, जानिये ये UPSC रैंक होल्‍डर्स कैसे पहुंचे सफलता के शिखर पर
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पिछले साल सितंबर में हुई यूपीएससी की परीक्षा के परिणाम जारी हो गए हैं। देश भर में अलग-अलग रैंक लाने वाले प्रतिभागी अपनी सफलता का जश्‍न मना रहे हैं। इनमें से कोई पहले से कहीं कार्यरत था, कोई अधिकारी, कोई बैंककर्मी तो कोई गोल्‍डमेडलिस्‍ट। आइये जानते हैं इनके बारे में।

AIR 90 अनुपमा सिंह गोल्ड मेडलिस्ट

ऑल इंडिया में 90 रैंक लाने वाली अनुपमा सिंह गोल्ड मेडलिस्ट रही हैं। पीएमसीएच पटना से एमबीबीएस की डिग्री लेने के बाद इन्होंने बीएचयू से गाइनेकोलॉजिस्ट में पोस्ट ग्रेजुएट किया है। और पटना के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड साइंस आईजीएमएस में यह प्रैक्टिस करती थी , वहां से रिजाइन करने के बाद 6 महीने तक दिल्ली में तैयारी की। यह इनका पहला प्रयास था और पहले प्रयास में ही इन्होंने इतनी बड़ी सफलता अर्जित की है। इनके पति डॉ रविंद्र कुमार भी पीडियाट्रिशियन है ,इनके भाई शैलेंद्र कुमार बिजनेसमैन है और इनका परिवार रांची के खेल गांव सोसाइटी में रहता है।ADVERTISING

गढ़वा के शिवेंदु भूषण को यूपीएससी में मिला 83वां स्थान

गढ़वा शहर के सहिजना मोहल्ला निवासी शिवेंदु भूषण को यूपीएससी में 83 वां रैंक हासिल हुआ है। शिवेंदु को पिछले वर्ष यूपीएससी में 120 वां रैंक मिला था। वे वर्तमान में आइपीएस की ट्रेनिंग में दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि वे रैंक में सुधार के साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने के मकसद से फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी थी।

रिद्धिमा श्रीवास्तव, रैंक 74th

रिद्धिमा की मां भी आईएएस अधिकारी हैं। उनकी मदर इस समय सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं। उनका 74वां रैंक पहले ही प्रयास में आया है। रिद्धिमा ने पंजाब इन्‍जीनियरिंग कॉलेज से इलेक्‍टरानिक्‍स में ग्रेजुएशन की है।

RBI में कार्यरत हैं शुभम

43वीं रैंक हासिल कर शुभम अग्रवाल ने रामनगर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रामनगर से यह कठिन परीक्षा पास करने वाले शुभम पहले युवक हैं। शुभम ने 2018 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की परीक्षा भी दी। जिसमें वह उत्तीर्ण हो गए। उन्हेंं कानपुर स्थित आरबीआई में पिछले साल जुलाई में ही जनरल मैनेजर के पद पर नियुक्ति मिली। दो बार यूपीएससी की परीक्षा में असफल रहने के बाद भी शुभम ने हार नहीं मानी। बैंक की नौकरी मेें रहते हुए तैयारी जारी रखी। 2019 में तीसरी बार परीक्षा दी। मंगलवार को रिजल्ट घोषित हुआ तो शुभम को देश में 43 वीं रैंक मिली। शुभम का कहना है कि लगातार प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

भागलपुर की बेटी और कॉर्मेल की छात्रा विशाखा को 101 वां रैंक

भागलपुर के चिकित्सक डॉ. नरेंद्र जैन की बेटी विशाखा जैन ने पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 101 वां रैंक लाकर जिले का नाम रोशन की है। पूरे जैन समाज में खुशी का माहौल है। विशाखा की कक्षा छह तक पढ़ाई कार्मेल स्कूल में हुई है। इसके बाद पिता जी के साथ गुजरात चली गई। कहलगांव एनटीपीसी में कार्यरत डॉ. नरेंद्र अभी गुजरात में परिवार के साथ रहते हैं। वहां वह निजी अस्पताल चला रहे हैं। विशाखा का पैतृक घर एमपी द्विवेदी रोड में गोशाला के पास है। विशाखा की शादी वर्ष 2019 में स्मिथ जैन से हुई है। वह गुजरात कैडर के आईपीएस हैं।


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