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IIT दिल्ली के छात्रों ने बनाई ये खास डिवाइस, कोरोना वॉरियर्स को मिलेगी बड़ी मदद

ByPrompt Times

Jul 14, 2020
IIT दिल्ली के छात्रों ने बनाई ये खास डिवाइस, कोरोना वॉरियर्स को मिलेगी बड़ी मदद
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देश में कोरोना (Coronavirus) का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. ऐसे में हमारे कोरोना वारियर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आईआईटी दिल्ली के स्टार्टअप चक्र इनोवेशन ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो एन 95 मास्क को लगातार 10 बार इस्तेमाल करने के लिए तैयार कर सकती है . इसके लिए ओजोन बेस्ड डिकॉन्टेमिनेशन ((संक्रमण मुक्ति के लिए छिड़काव) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. जिससे एन 95 मास्क को एक बार इस्तेमाल करने के बाद साफ करके 10 बार तक उपयोग किया जा सकता है.

चक्र डिकोव नाम की इस मशीन को शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने लांच किया गया. खास बात ये है कि इस डिवाइस की मदद से  99.9999% बैक्टीरिया को नष्ट किया जा सकता है. 

आईआईटी के छात्रों की ओर से तैयार की गई ये मशीन खास तौर पर अस्पतालों के लिए डिजाइन की गई है. अस्पतालों में दिन-रात काम कर रहे कोरोना वारियर्स के सामने एन 95 मास्क की कमी न हो और इसको सुरक्षित तरह से डिसिन्फेक्ट किया जा सके, इसके लिए इसे आईसीएमआर और एनएवी की तरफ से भी टेस्ट किया गया जिसमे पाया गया है कि ये SARS-CoV-2  को निष्क्रिय करने में सक्षम है.

ये डिवाइस एक कैबिनेट के आकर में बनाया गया है जो एन 95 मास्क के छिद्रों की सफाई के लिए ओजोन गैस की हाई पेनिट्रेबिलिटी का उपयोग करता है. साथ ही इसकी जटिल परतों का फुल कंटेमिनेशन सुनिश्चित करता है. ओजोन एक मजबूत ऑक्सीडाइजिंग एजेंट है जो प्रोटीन कोट के माध्यम से डिफ्यूज होता है और वायरस को नष्ट करता है. इसके परिणामस्वरूप वायरल आरएनए को नुकसान पहुंचता है. ओजोन की उचित मात्रा और एक्सपोजर से वायरस को निष्क्रिय किया जा सकता है और बैक्टीरिया में 99.9999% की कमी हो सकती है. इसके बाद एन 95 मास्क को फिल्ट्रेशन इफिशियंसी (एसआईटीआरए द्वारा परीक्षित) पर किसी भी प्रभाव के बिना 10 बार तक फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है.

चक्र इनोवेशन के सीईओ  कुशाग्र श्रीवास्तव ने बताया, ‘चक्र डिकोव एक इनोवेटिव ओजोन-बेस्ड डिकंटेमिनेशन मैकेनिज्म के साथ विकसित किया गया है. जो अस्पताल के माहौल में आवश्यकतानुसार उच्च विश्वसनीयता और सुरक्षा के साथ प्रभावी डिकॉन्टेमिनेशन सुनिश्चित करता है. हम यह भी मानते हैं कि हमारा प्रोडक्ट नोवल कोरोनवायरस का इलाज करते समय बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर बढ़ती चिंताओं को हल करने में मदद करेगा. हमें अपने प्रोजेक्ट के लिए आईसीआईसीआई, कोल इंडिया और मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे संगठनों से समर्थन मिला है, जिन्होंने विकास और पायलट प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की है.’

आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. वी. रामगोपाल राव का कहना है कि, ‘आईआईटी दिल्ली अपने तकनीकी कौशल के माध्यम से कोविड-19 समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है. जब बात अस्पतालों और हमारे चिकित्सा पेशेवरों की सेवा करने की आती है, तो उच्च गुणवत्ता वाले पीपीई किट प्रदान करना बेहद आवश्यक है.’

















ZEE


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