नई दिल्ली 18 मार्च। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि श्री अन्न से देश के ढ़ाई करोड़ छोटे किसानों को लाभ होगा और हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ होगी। आज नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय श्री अन्न सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि मोटे अनाजों पर जलवायु परिवर्तन का असर नहीं होता और इससे जल संकट से जुडी समस्या के समाधान में मदद मिल सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मित्र देशों के बीच मोटे अनाजों के उत्पादन की शैली को साझा करने के लिए एक स्थिर व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से एक ऐसी आपूर्ति श्रृंखला विकसित हो सकती है जिससे मोटे अनाजों को कारगर तरीके से खेत से बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा। श्री मोदी ने कहा कि देश के कुल अनाज उत्पादन में मोटे अनाज की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत है। उन्होंने वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं से अपील की कि वे इस हिस्सेदारी को बढ़ाने में योगदान दें।
(वी.के. झा)
