छत्तीसगढ़ के जंगलो के बीच बसी जतमई – घटारानी माता का मनोरम मंदिर
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छत्तीसगढ़ के जंगलो के बीच बसी जतमई – घटारानी माता का मनोरम मंदिर

जतमई घटारानी मंदिर छत्तीसगढ़ के दक्षिण पूर्व में पहाड़ी इलाक़ा में रायपुर से लगभग 85 किमी की दूरी पर स्थित है। घटारानी और जतमई 2 अलग स्थान हैं, जिसके आस-पास झरने स्थित हैं। छत्तीसगढ़ में यह मंदिर स्वर्ग से कुछ कम नहीं है। यहां का झरना सबसे अधिक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अगर आप झरने की सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं तो वहाँ कभी भी जा सकते हो यहाँ का मंदिर पूरे वर्ष खुला रहता है, बारिश के बाद का समय जाने का सबसे अच्छा समय है। सितंबर से दिसंबर के महीनों तक इन झरनों में पर्याप्त पानी भरा रहता है और चारो तरफ हरियाली छाया रहता है, जो मन को बहुत लुभावने वाले होते है और हमें अपनी ओर आकर्षित करने लगते है.

जंगल के बीच बसी जतमई माता का मंदिर –

छत्तीसगढ़ में झरनों के बीच बसीं मां जतमाई के दर्शन करने के लिए मॉनसून के समय सबसे से अच्छा रहता है. जतमाई छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 80 किमी की दूरी पर स्थित हैं. मां का ये मंदिर जंगल के बीचों-बीच बना हुआ है. अगर आप प्रदूषण से दूर कुछ दिन शांति और प्रकृति के बिच समय बिताना चाहते हैं तो इससे अच्छी और कोई दूसरी जगह हो ही नहीं सकती।

यहाँ माता के मंदिर से ठीक सटी हुई जलधाराएं उनके चरणों को छूकर चट्टानों से नीचे गिरती हैं. पुराने मान्यताओ के अनुसार, ये जलधाराएं माता की सेविकाएं हैं. माता के मंदिर में हर साल चैत्र और कुंवार के नवरात्री में मेले का आयोजन किया जाता है.

जुलाई से दिसंबर के बीच जाएं –

माता का ये मंदिर झरनों के बीच बना हुआ है इसलिए ये छत्तीरसगढ़ के सबसे लोकप्रिय पिकनिक स्थ लों में से भी एक है. जतमाई से लगा हुआ घटारानी भी जतमाई की तरह ही एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है. जतमाई में सालभर लोगों की भारी भीड़ रहती है. लेकिन यहां आने का सबसे अच्छाृ समय जुलाई से लेकर दिसंबर तक रहता है.

कैसे जाएं –

रायपुर से यहां की दूरी लगभग 80 किलोमीटर के आसपास है. गरियाबंद के छुरा ब्लारक में मौजूद जतमाई जाने के लिए सबसे अच्छा मार्ग सड़क है. यहां आने के लिए पहले आपको रायपुर आना होगा।

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