उत्तर प्रदेश कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में मुख्य साजिश करता रवि अत्री गिरफ्तार को कर लिया गया है. इससे पहले मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा की गिरफ्तारी हुई थी.
उत्तर प्रदेश कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद अब एक और बड़ा खबर सामने आई है. मामले में पेपर लीक मामले में मुख्य साजिश करता रवि अत्री को गिरफ्तार कर लिया गया है. STF ने पेपर लीक कराने वाला मुख्य साजिशकर्ता रवि अत्री को आखिरकार पकड़ ही लिया. अभियुक्त रवि अत्रि थाना जेवर जिला गौतमबुद्ध नगर का निवासी है और फिलहाल, दिल्ली में रह रहा था. रवि अत्री को जेवर थाना जेवर जनपद गौतम बुद्ध नगर में पड़ने वाले खुर्जा बस स्टैंड के पास से एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
टीसीआई एक्सप्रेस ट्रांसपोर्ट कंपनी अहमदाबाद में सेंध लगाकर यह पूरी पेपर लिक करने की साजिश रची गई थी जिसका अब धीरे-धीरे पर्दाफाश किया जा रहा है और मामले में एक के बाद एक गिरफ्तारियां की जा रही है. आरओ-एआरओ परीक्षा के मास्टरमाइंड यानी राजीव नयन की गिरफ्तारी हाल ही में की गई जिसके बाद उसके करीबी सुभाष प्रकाश को एसटीएफ की तलाश कर रही थी. बताया जाता है कि वह राजीव नयन का खजांची है व मप्र के सबसे बड़े और नामी घोटाले व्यापम में भी वह आरोपी है. सुभाष के पकड़े जाने पर पेपर लीक कांड के कई और खुलने और पर्दाफाश होने की बात सामने आई है. टीम रवि अत्री को भी काफी समय से तलाश कर रही थी अब जाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
आपको बता दें कि राजीव नयन मिश्रा से लगातार पेपर लीक कांड में पूछताछ की गई. जिसमें आरोपी ने रतनेश यादव का भी नाम लिया जोकि बनारस जेल के बंदी रक्षक है. ये भी सामने आया कि बिहार के मधुबनी निवासी सुभाष प्रकाश ने आरओ एआरओ परीक्षा का पेपर उसे दिया था. उसने कोचिग चलाने वाले अमित निवासी गोंडा के साथ ही डॉक्टर शरद जो लखनऊ निवासी था उसको भी पेपर दिया था. बंदी रक्षक रतनेश भी पेपर बंटने के काम से जुड़ा था.
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