सितम्बर 11 2023 ! डॉक्टरों और मरीजों के बीच होने वाले विवाद और मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के मूल्यांकन को लेकर सरकार की ओर से नई व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसको लेकर एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमिशन) और क्यूसीआइ (क्वॉलिटि काउंसिल ऑफ इण्डिया) के बीच एक करार किया गया है. इसके तहत एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के बेसिक ज्ञान के साथ ही शिक्षकों के ज्ञान को भी परखा जाएगा. करार के तहत अब विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज के पास रहने वाले परिवारों का ख्याल रखना होगा और उनके स्वास्थ्य की देखभाल करनी होगी. बीमारी होने पर उनका इलाज करना होगा.
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार के लिए यह रेटिंग पैटर्न अपनाया गया है, जिससे वहां का शैक्षिक स्तर भी अपग्रेड होगा. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ ही मेडिकल की पढ़ाई करने वालों को भी बेहतर शिक्षा मिलेगी. इस एनएमसी व क्यूसीआई में हुए समझौते के तहत डाक्टर की पढ़ाई करने वाले प्रत्येक विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ही कॉलेज के आसपास रहने वाले परिवारों की तीन साल तक देखभाल करनी होगी.नए नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज शैक्षिक स्तर में गुणवत्ता लाते हुए एक दूसरे कॉलेज के शिक्षकों व प्रबंधन से आपस में चर्चा करेंगे और उनमें लगातार सुधार करने की कोशिश करेंगे. साथ ही अन्य कॉलेजों से भी विभिन्न तौर तरीकों पर चर्चाएं करेंगे. वहीं सारी जानकारियां ऑनलाइन होने के चलते अगर कोई कॉलेज गलत डाक्यूमेंटेशन करता है, तो तय नियमों को तोड़ने पर एआई (आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस) उसको पकड़ लेगा. ऐसे में उस मेडिकल कॉलेज पर शासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी.
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
