• January 26, 2022 12:56 pm

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सांस्कृतिक विवेकानंद उत्कर्ष परिषद द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मास्क एवम नो प्लाटिस्क का संदेश देते हुए कपड़े के थैले वितरित किए।

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13 जनवरी 2022 | “जब तक जीना, तब तक सीखना”- अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं

“जब तक जीना, तब तक सीखना”- अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं

इस वर्ष संस्था द्वारा कोरोना काल को ध्यान में रखते हुए 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चो को कोरोना  टीके लगाने   के लिए प्रेरित किया गया। सभी को मास्क  वितरित कर उसे उचित तरीके से कैसे पहना जाए संस्था के सदस्यों द्वारा बताया गया।   सचिव  श्रीमती दीप्ती दुबे ने बताया कि इस वर्ष कोरोना के तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए साइंस कॉलेज  ग्राउंड में  बच्चो को स्वामी विवेकानंद के संदेशों को विस्तार से बताया । एक विचार लो, उस विचार को अपना जीवन बना लो,उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो,उसी विचार को जियो अपने मस्तिष्क, मांसपेशियो, नशो, शरीर के हर हिस्सो मे उस विचार को डूब जाने दो, और     बाकी सभी विचार को किनारे रख दो। यही सफल होने का एकमात्र तरीका है।
इस तरह सभी बच्चों ने स्वामी विवेकानंद के सभी विचारो को आत्मसात करने का शपथ लिया। सांस्कृतिक विवेकानंद उत्कर्ष परिषद के महत्वपूर्ण विषय ” पर्यावरण” को लेकर जागरूक किया गया। जिसमे प्लास्टिक  थैली का  उपयोग न कर , कपड़े की थैली वितरित कर उसे हमेशा उपयोग करने के लिए कहा गया।  इस अवसर पर संस्था के सदस्य आर्य दुबे,  मनीष तिवारी, रवि,  राहुल गुप्ता , स्मिता इत्यादि उपस्थित थे।


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