• Sat. Oct 23rd, 2021

PROMPT TIMES

⭐⭐⭐⭐⭐ Rating in Google

पाटीदार नेता भूपेंद्र पटेल आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, डिप्टी CM पर अभी सस्पेंस

ByPrompt Times

Sep 13, 2021

13-सितम्बर-2021 | विजय रुपाणी के इस्तीफे के 24 घंटे में गुजरात के नए मुख्यमंत्री पर फैसला हो गया है। BJP ने एक बार फिर चौंकाते हुए भूपेंद्र रजनीकांत पटेल को राज्य का अगला CM चुना है। चौंकाया इसलिए, क्योंकि पहली बार विधायक बने पटेल का नाम मुख्यमंत्री की रेस में एक बार भी सामने नहीं आया था। विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर ने उनके नाम का ऐलान किया।

भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ​भूपेंद्र पटेल ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा का तहे दिल से आभार जताता हूं। विकास के जो काम बाकी हैं, उन्हें बिना रुके आगे बढ़ाएंगे। हम संगठन को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। इसके बाद भूपेंद्र पटेल राज्यपाल से भी मिले।

डिप्टी CM पर अभी फैसला नहीं

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने बताया कि भूपेंद्र पटेल सोमवार को गुजरात के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उनके साथ कोई और शपथ नहीं लेगा, क्योंकि उपमुख्यमंत्री के नाम पर अब फैसला नहीं हुआ है। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 2.20 बजे राजभवन में होगा।

विजय रुपाणी ने ही नाम का प्रस्ताव रखा
नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले विजय रुपाणी ने ही विधायक दल की बैठक में भूपेंद्र भाई पटेल के नाम का प्रस्ताव रखा। डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने इसका समर्थन किया। इसके बाद विधायक दल ने पटेल के नाम को मंजूरी दे दी

पहली बार विधायक बने और पार्टी ने CM बना दिया
भूपेंद्र पटेल ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अहमदाबाद जिले की घाटलोडिया सीट से रिकॉर्ड 1.17 लाख वोट से जीत दर्ज की थी। उन्हें 1.75 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के शशिकांत पटेल को 57,902 वोट ही मिले थे। पहली बार विधायक बने पटेल को अब पार्टी ने राज्य की कमान सौंप दी।

आनंदीबेन के कहने पर विधायक का टिकट मिला था
गुजरात की मुख्यमंत्री रहीं आनंदीबेन पटेल ने 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। इसके बाद उनके कहने पर ही घाटलोडिया सीट से भूपेंद्र पटेल को टिकट दिया गया था। वे अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA) के अध्यक्ष और अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन भी रहे हैं।RSS

की बैठक में लिखी गई रुपाणी के इस्तीफे की स्क्रिप्ट
सूत्रों के मुताबिक विजय रुपाणी गुजरात के लिए कभी भी स्थाई CM थे ही नहीं। उनका जाना तो तय था, बस तारीख तय नहीं थी। तारीख पर मुहर संघ प्रमुख के हाल ही में हुए गुप्त दौरे में मिले फीडबैक के बाद लगा दी गई। हालांकि उन्हें 2022 की जनवरी या फरवरी में इस्तीफा देना था, लेकिन भागवत के गुप्त दौरे ने रुपाणी के CM पद की उम्र थोड़ी कम कर दी।

BJP ने 4 राज्यों में 6 महीने में 5 CM बदले
भाजपा ने पिछले 6 महीने में 4 राज्यों में 5 CM बदले हैं। इनमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का कार्यकाल सबसे छोटा रहा। उन्होंने 10 मार्च को पदभार ग्रहण किया और 2 जुलाई को इस्तीफा दे दिया। वे तीन महीने भी कुर्सी पर नहीं रह सके। तीरथ गढ़वाल से लोकसभा सांसद थे।

दावा यह भी किया गया कि उत्तराखंड में एक साल बाद चुनाव होने थे। इस वजह से चुनाव आयोग किसी भी विधानसभा सीट पर उपचुनाव नहीं करवाने वाला था। अगर तीरथ मुख्यमंत्री बने रहते तो उनके लिए विधानसभा सदस्य बन पाना मुश्किल हो सकता था। कानूनन उन्हें 10 सितंबर तक किसी भी स्थिति में विधानसभा का सदस्य होना आवश्यक था। तीरथ के बाद पुष्कर सिंह धामी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया। तीरथ अब भी लोकसभा सदस्य हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *