• June 9, 2026 9:52 pm

पीएचईडी- गलती रेलवे की, रेलवे अधिकारी- हमारे पास ऑर्डर नहीं, पता नहीं कब चलेगी ट्रेन

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14 अप्रैल 2022 | पाली की प्यास बुझाने के लिए वॉटर ट्रेन 4 दिन बाद 18 अप्रैल को पहुंचेगी। ट्रेन के वैगन भगत की कोठी स्टेशन पर पहुंच चुके हैं, लेकिन इसमें पानी भरने और दूसरी व्यवस्थाओं के लिए दो दिन का समय लगेगा। पहले जोधपुर से यह ट्रेन 15 अप्रैल को पाली आनी थी। अधिकारी यह बात छिपाते रहे कि वॉटर ट्रेन इस बार भी देरी से पहुंचेगी।

दरअसल, पाली में जल संकट गहरा गया है। ऐसे में वाटर वैगन ट्रेन चलाने का फैसला हुआ। कोटा से चलकर ट्रेन जोधपुर पहुंच भी गई। 15 अप्रैल को यह ट्रेन पाली पहुंचनी थी। ऐसे में ट्रेन के देरी से पहुंचने की वजह रेलवे और पीएचईडी के अधिकारी एक-दूसरे को बता रहे हैं। पीएचईडी अधिकारियों का कहना है कि 11 को वैगन ट्रैक पर लाने की बात कही थी। लेकिन, गुरुवार को ट्रेन पहुंची है। ऐसे में दो दिन का समय अतिरिक्त लगेगा। इधर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन कब चलेगी। इसको लेकर कोई ऑर्डर नहीं है।

ACE पीएचईडी (रीजन वन) विनोद भारती ने बताया कि रेलवे को पहले ही बताया था कि वाटर ट्रेन जब ट्रैक पर लग जाएगी तो उसके बाद जोधपुर पीएचईडी विभाग को दो दिन की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि पहले 11 अप्रैल को ट्रेन के जोधपुर भगत की कोठी रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर लगने की बात कही गई थी, लेकिन ट्रेन आज पहुंची। बता दें कि वाटर ट्रेन की रैक कोटा से साफ होकर 12 अप्रैल को निकली थी। दो दिन बाद आज जोधपुर पहुंची है। फुलेरा पर सेफ्टी चेकिंग के लिए रुकी थी। आज सुबह ट्रेन वहां से निकली और भगत की कोठी स्टेशन पर खड़ी है। अब आगे तैयारी के लिए जलदाय विभाग को दो दिन का समय लगेगा।

इसलिए लगेगा दो दिन का समय
दरअसल, ट्रेन के वैगन से पाली में पानी को खाली करना पड़ेगा। वाटर ट्रेन के वैगन खाली करने के लिए हर डिब्बे के नीचे होल और पाइपिंग की व्यवस्था करनी पड़ती है। ट्रेन की रैक में लगे हर वैगन का फ्लेंज और डाया का साइज अलग होता है। वह पहले नहीं बन सकता। इसके लिए ट्रेन ट्रैक पर खड़ी होगी तब इंप्रैशन यानी नाप-जोख लेकर पाइप जोड़ने वाले टैब लगाए जाएंगे। इसी के लिए पीएचईडी जोधपुर ने 48 घंटे का समय मांगा है। इस काम के लिए पाली से जेईएन, एईएन व फिटर आदि की टीम जोधपुर आएगी। यह टीम हर डिब्बे के नीचे किस डाया का होल है, इसका इंप्रेशन लेगी। रेडिमेड हॉज व प्लेज आते हैं। उन्हें उस साइज में सेट करने होंगे। इस काम में दो दिन लग जाएंगे।

रेलवे अधिकारी बोले: पता नहीं ट्रेन कब चलेगी
रेलवे एडीआरएम मनोज जैन से बात की तो वे बोले कि अभी तक फाइनल नहीं है कि ट्रेन कब चलेगी। हाई अथॉरिटी से बात करेंगे कि वैगन कब जाएंगे। अभी तक तय नहीं है कि वॉटर ट्रेन कब रवाना होनी है। पहले इसे 15 अप्रैल को पाली पहुंचना था। अब पीएचईईडी कह रहा है कि उन्हें हर वैगन के पाइप का साइज लेने के लिए दो दिन का टाइम चाहिए। फिलहाल ट्रेन भगत की कोठी स्टेशन पर है। स्टेशन पर रेलवे के अधिकारियों को ट्रेन को लेकर कोई ऑर्डर नहीं हैं। पीएचईडी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के पास भी किसी तरह के ऑर्डर नहीं हैं। 4 दिन की सरकारी छुट्‌टी भी लेट लतीफी का कारण हो सकता है। एडीआरएम मनोज जैन का कहना है कि हमने कोई डेट आगे नहीं की। ट्रेन के 18 अप्रैल को रवाना होने का अनुमान है।

सरकारी अवकाश भी देरी में एक बड़ी वजह
14 से 17 अप्रैल तक लगातार अवकाश हैं। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि सरकारी दफ्तरों में अवकाश के कारण जरूरी आदेश जारी होने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में रेलवे, पीएचईडी व प्रशासन के बीच तालमेल बिगड़ गया है। बता दें कि वाटर ट्रेन पहले भी चल चुकी है। ये वैन पेट्रोल-डीजल व केमिकल ढोने के लिए होते हैं। पानी ढोने के लिए इन्हें साफ किया जाता है। देश में सिर्फ कोटा में ही ये वैगन धुलते हैं।
वैगन साफ होने के बाद कोटा से पानी लेकर ये जोधपुर के लिए रवाना हुए। जोधपुर से 15 अप्रैल तक इन्हें पाली पहुंचना था। पाली में भीषण जल संकट बना हुआ है। ऐसे में एक दिन की भी देरी पाली के लोगों की प्यास को और बढ़ा रहा है। कहा जा रहा है कि चार दिन का एक साथ अवकाश आने से ऑफिशियल ऑर्डर रिलीज होने में परेशानी आ रही है। हालांकि कहा जा रहा है कि ट्रेन के 18 अप्रैल को आने से भी शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होगी। क्योंकि फिलहाल जवाई व बाणियावास बांध में पानी है।

Source;- ‘’दैनिक भास्कर’


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