• June 10, 2026 4:07 am

आदिवासी विकास विभाग का प्लान; इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन के साथ NDA की भी तैयारी

Share More

08  सितंबर 2022 | छत्तीसगढ़ में सरकार सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग सुविधा देने जा रही है। ऐसे विद्यार्थियों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ साथ CA/CS, CLAT, NDA जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने EWS वर्ग के विद्यार्थियों के परिवार की आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए यह फैसला किया है।

बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने आदिवासी विकास विभाग को अनुसूचित जाति, जनजाति, और अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ EWS वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की व्यवस्था करने को कहा है। इसके साथ ही कोचिंग में प्रवेश के लिए आवश्यक दिशा-निर्देंश जल्द तैयार करने के लिए भी कहा गया है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य के अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और EWS वर्ग के कुल 400 छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये निःशुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत छात्र-छात्राओं को PMT, PET, NSTE, JEE main/advance, AIIMS, NEET, CA/CS, CLAT, NDA जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कोचिंग मिलेगी। छात्र-छात्राओं को इन परीक्षाओं के लिए कोचिंग रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और भिलाई की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से दिया जाना है।

अभी तक तीन वर्गों को ही मिलती थी सुविधा

छत्तीसगढ़ में अभी तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ऐसी सुविधा मिल रही थी। उनके लिए अखिल भारतीय इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं आदि के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था है। अब इस नई पहल के बाद EWS वर्ग के विद्यार्थियों को भी निःशुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। सरकार इस वर्ग के लिए 10% आरक्षण पहले ही लागू कर चुकी है।

प्रयास आवासीय स्कूलों में भी EWS को जगह

राज्य सरकार ने प्रयास आवासीय स्कूलों के लिए भी EWS कोटे के लिए जगह बना दिया है। सरकार इस योजना के तहत अगले वित्तीय वर्ष में चार नए प्रयास आवासीय विद्यालय शुरू करने जा रही है। अनुसूचित जाति वर्ग के बालकों के लिए 500 सीटर, बालिकाओं के लिए 500 सीटर तथा अन्य पिछड़ा वर्ग और EWS वर्ग के छात्रों के लिए 500 सीटर और इन वर्गों की छात्राओं के लिए 500 सीटर इस प्रकार कुल 2000 की क्षमता के 4 आवासीय विद्यालय शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वी में 125-125 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। इन आवासीय विद्यालयों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं को 9वीं से बारहवीं तक के अध्यापन की निःशुल्क व्यवस्था होगी। साथ ही विद्यार्थियों को PMT, PET, NSTE, JEE main/advance, AIIMS, NEET, CA/CS, CLAT, NDA की भी निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी।

Source:-“दैनिक भास्कर”


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *