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शंकरनगर, देवेंद्रनगर, डीडीनगर समेत शहर की पॉश कालोनियां बनीं हॉटस्पॉट

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  • पिछले 24 घंटे में भी शंकरनगर 63, डीडीनगर 48, देवेंद्रनगर 28, टाटीबंध में 23 नए केस
  • वजह- यहां शुरुआती मरीज ट्रैवल हिस्ट्री वाले और उनके कांटेक्ट, इसके बाद फैलाव तेज : डा. सुभाष

15 जनवरी 2022 | राजधानी में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी इसकी सबसे ज्यादा गिरफ्त में पॉश कालोनियां और कवर्ड कैंपस हैं। डीडी नगर, शंकर नगर, देवेंद्र नगर, सिविल लाइंस, टाटीबंध और समता-चौबे कालोनी का काफी इलाका लगातार मरीज मिलने और एक्टिव केस बढ़ने की वजह से हॉटस्पॉट में तब्दील हो चुका है। शुक्रवार को भी शंकरनगर में 63, डीडीनगर में 48, मोवा में 30, देवेंद्रनगर में 28, टाटीबंध में 23, समता कॉलोनी में 16 समेत विभिन्न इलाकों को मिलाकर शहर में लगभग साढ़े 18 सौ मरीज मिले हैं।

सबसे आश्चर्यजनक यह है कि कुछ कवर्ड कैंपस कोविड संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन सभी स्थानों पर शुरू में जितने मरीज मिले, उनमें ज्यादातर कहीं न कहीं जाकर आए और संक्रमित हुए। उनसे संक्रमण संपर्क में आए लोगों में फैला और फिर लगभग हर घर में किसी न किसी को चपेट में ले चुका है।

राजधानी में 40 से ज्यादा हॉट स्पॉट है। सबसे ज्यादा एक्टिव केस डीडीनगर, अशोका रतन सोसाइटी, टाटीबंध, शंकरनगर, देवपुरी, चौबे कॉलोनी, सड्‌डू, दलदलसिवनी, रायगढ़बाड़ा, सिविल लाइन, अमननगर मोवा में हैं। कवर्ड कैंपस में आबादी घनी होने को भी ज्यादा संक्रमण का कारण माना जा रहा है।

शुक्रवार को जो मरीज मिले हैं, उनमें से 10 से ज्यादा घरों में दो लोग पॉजिटिव आए हैं। बाकी वे लोग हैं, जो परिवार के साथ तो रहते हैं, लेकिन संक्रमित हो गए हैं। हालांकि संक्रमण का फैलाव ज्यादा है, इसके बावजूद इस बार एक ही परिवार के ज्यादा लोग संक्रमित नहीं हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड का ओमिक्रॉन वैरिएंट बिना वेंटिलेशन वाले कमरों में तेजी से फैलता है।

उदाहरण के लिए एक बड़े हॉल में अगर 50 लोग बिना मॉस्क के हैं और उनमें एक पॉजिटिव है तो बाकी 49 के भी संक्रमित होने के पूरे चांस हैं। ओमिक्रॉन इतनी तेजी से फैल रहा है, इसीलिए रोजाना संक्रमितों के आंकड़े बढ़ रहे हैं।
जनवरी से चार गुना मामले
पिछले साल जनवरी की तुलना में इस साल 14 तारीख को ही एक्टिव केस की संख्या 4 गुना ज्यादा हो गई है। पिछले साल केवल 2022 केस थे। इस बार 8369 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। पिछले साल जनवरी दूसरी लहर की शुरुआत जैसी थी।

हालांकि मार्च में मरीज बढ़ना शुरू हुआ और अप्रैल में पीक आ गया था। तब 23 अप्रैल को प्रदेश में सबसे ज्यादा 17397 मरीज व राजधानी में 13 अप्रैल को सबसे ज्यादा 4168 मरीज मिले थे। यह जनवरी तीसरी लहर है, जिसमें मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आशंका है कि ये ओमिक्रॉन वैरिएंट वायरस के कारण है।

एक्टिव केस भी अधिक

  • डीडीनगर कालोनी : 199
  • अशोका रतन परिसर : 185
  • टाटीबंध कालोनी : 175
  • शंकर नगर कालोनी : 165
  • हिमालयन हाइट्स : 135
  • चौबे-समता कालोनी : 134
  • सड्डू-दलदलसिवनी : 112
  • सिविल लाइंस : 103

एक्सपर्ट व्यू….पॉकेट में संक्रमण, इसलिए शहर में बने 40 हॉटस्पॉट
स्वास्थ्य विभाग में महामारी नियंत्रण के निदेशक डा. सुभाष मिश्रा और बड़े निजी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. सुनील खेमका के अनुसार शहर में अभी कोविड संक्रमण का तेजी से फैलाव पॉकेट-पॉकेट में है। यही वजह है कि राजधानी में 40 जगह हॉटस्पॉट बन गई, लेकिन काफी इलाके ऐसे हैं जहां अब भी इक्का-दुक्का मरीज ही मिल रहे हैं।

यह संभव है कि जहां टेस्ट कम हो रहे हैं, वहां मरीज कम निकल रहे हों। हॉटस्पॉट में मिले अधिकांश मरीज ट्रैवल हिस्ट्री और प्राइमरी कांटेक्ट वाले ही हैं। यहां तक कि अस्पतालों में भी डॉक्टर से लेकर स्टाफ लगातार संक्रमित हो रहे हैं। दरअसल मरीजों से शुरू में थोड़ा स्टाफ संक्रमित हुआ, फिर यह तेजी से फैल गया। मास्क लगाना जरूरी है।

Source :- “दैनिक भास्कर “


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