• November 30, 2021 11:16 am

PROMPT TIMES

⭐⭐⭐⭐⭐ Rating in Google

पीएसईबी के छात्र चिंतित-अगले माह टर्म-1 के एग्जाम, सरकारी स्कूलों में बच्चों के पास पूरी बुक्स ही नहीं

Share More

18 अक्टूबर 2021 | बोर्ड क्लासों के टर्म-1 की परीक्षाएं नवंबर में हाेनी हैं। फाइनल परीक्षाओं के लिए सभी बोर्ड ने 50% सिलेबस के साथ एग्जाम लेने का फैसला लिया है, लेकिन इसमें भी सरकारी स्कूलों के बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों के पास अभी पूरी किताबें नहीं हैं और 50% सिलेबस की भी बच्चों काे पूरी क्लेरिटी नहीं है। हालांकि टर्म-1 के एग्जाम में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन के जरिए सवाल पूछे जाएंगे, लेकिन पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों के स्टूडेंट्स ज्यादा परेशानी में हैं।

शिक्षक अपने स्तर पर करा रहे तैयारी, स्टूडेंट्स को फाइनल एग्जाम की भी सता रही चिंता

डेमाेक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के सेक्रेटरी अश्वनी अवस्थी ने बताया कि काफी किताबें अभी तक छपी ही नहीं है। बच्चों के पास पूरी किताबें भी नहीं है ताे वह परीक्षाएं कैसे पास करेंगे। सरकार काे पहले किताबें देनी चाहिए, उसके बाद परीक्षाएं करवाने की घोषणा करनी चाहिए। बच्चा बाहर से किताबें नहीं खरीद सकता। अब टीचर्स अपने स्तर पर बच्चों काे तैयारी करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे के लिए ताे किताबें प्रिंट करवा दी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई से संबंधित किताबें नहीं छपवा सका। यह बच्चों की शिक्षा के अधिकारों का हनन है। स्कूलों में नेशनल अचीवमेंट सर्वे (नेस) की भी तैयारी चल रही है। जहां नेशनल अचीवमेंट सर्वे की तैयारी का जोर है। वहीं स्टूडेंट्स को फाइनल एग्जाम की चिंता सता रही है। क्याेंकि स्टूडेंट्स के मुताबिक इन्हीं नंबरों के आधार पर रिजल्ट तैयार होगा।

स्टूडेंट्स की पीड़ा, सरकार ने किताबें दी नहीं, खरीदने को पैसा नहीं

बुक्स के बिना कैसे करेंगे पढ़ाई

स्कूल में नेशनल अचीवमेंट सर्वे के लिए तैयारी पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन बोर्ड क्लास के लिए होने वाले फाइनल एग्जाम के लिए जब तक हमें पूरी किताबें ही नहीं मिलेंगी, ऐसे में पढ़ाई कैसे करेंगे? कई स्टूडेंट्स ने मार्केट से किताबें खरीद भी ली हैं, लेकिन हर कोई किताब भी नहीं खरीद सकता। शिक्षा विभाग काे समस्या का हल निकालना चाहिए।
-अनमाेलदीप काैर, स्टूडेंट 8वीं कक्षा

विभाग को स्कूलों तक जल्द किताबें पहुंचाना चाहिए

अचानक टर्म-1 की परीक्षाएं लेने की घोषणा कर दी है। इतने कम समय में तैयारी कैसे हाेगी? मानसिक तनाव है। स्टडी की सामग्री नहीं होगी तो तैयारी करेंगे। इस बारे में शिक्षा विभाग को निर्णय लेकर किताबें स्कूलों तक पहुंचानी चाहिए।

-जैसमीन, स्टूडेंट 8वीं कक्षा

तय नहीं किया 50 फीसदी सिलेबस

टर्म-1 के लिए 50% कौन सा सिलेबस आना है, यह तय नहीं है? नवंबर के कुछ दिन त्योहार में निकल जाएंगे, किसी भी मुद्दे को स्पष्ट नहीं करने से भविष्य पर बादल छा सकते हैं। इस परेशानी से अंतिम परिणामों पर प्रभाव पड़ेगा।

युद्धवीर सिंह, स्टूडेंट 9वीं कक्षा

Source ;- दैनिक भास्कर


Share More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *