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निश्शुल्क बैटरी चलित कार संचालन के लिए रेलवे मांग रहा बिजली का खर्च

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09 नवंबर 2022 |  बिलासपुर स्टेशन पर पिछले आठ साल से रायपुर की विमला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों के लिए बैटरी चलित कार की सुविधा निश्शुल्क दी जा रही थी। इसकी शुरुआत में यह तय हुआ था कि रेलवे बैटरी चार्ज केलिए रेलवे कोई शुल्क नहीं लेगी। अब रेलवे बैटरी चार्ज करने का खर्च मांग रहा है। रेल अधिकारियों के असहयोगपूर्ण रवैये के कारण कंपनी ने बैटरी चलित कार का परिचालन ही बंद कर दिया है।

आठ प्लेटफार्म वाले बिलासपुर स्टेशन से प्रतिदिन 50 हजार यात्री आवागमन करते हैं। यहां निश्शुल्क संचालित बैटरी चलित कार के चालक को दो दिन पहले स्टेशन के बिजली विभाग ने बैटरी चार्ज करने के लिए खर्च देने का आदेश सुना दिया।इसके बाद संचालक ने कार का परिचालन बंद कर दिया है। इसके कारण पिछले दो दिनों से यात्रियों को बैटरी कार की सुविधा नहीं मिल रही है। अब तक कंपनी चालक समेत निश्शुल्क कार की सुविधा उपलब्ध करा कर यात्रियों की मदद कर रही है।

बोर्ड का प्रविधान भूल गई रेलवे

रेलवे बोर्ड के प्रविधान के अनुसार यदि कोई संस्था या व्यक्ति यात्रियों से जुड़ी सुविधाएं भेंट कर रहा है तो रेल प्रशासन को उसे प्रोत्साहित करना है। साथ ही उसके संचालन और मरम्मत का खर्च भी रेलवे को ही वजन करना है। यहां बैटरी कार परिचालन में रेलवे की मात्र बिजली खपत हो रही है, जबकि कार की मरम्मत से लेकर चालक का खर्च खुद सुविधा प्रदान करने वाली कं पनी वहन कर रही है।

क्या कहता है रेल प्रशासन

बिजली खपत हो रही है, इसलिए बिजली विभाग के द्वारा खर्च मांगा गया होगा। यह जायज भी है। फिर में संबंधित विभाग से इस बारे में चर्चा कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। अब तक बिजली खपत पर शुल्क क्यों नहीं लिया गया है, यह जांच करने का विषय है।

सोर्स :-“नईदुनिया”                                


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