26 अप्रैल 2023 | केंद्रीय राजधानी दिल्ली में परिवहन विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले 15 साल से अधिक पुराने करीब 54 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक ने परिवहन विभाग ने 27 मार्च तक ऑटो रिक्शा, कैब, दोपहिया सहित पुराने वाहनों का पंजीकरण रद्द करने का सख्त फैसला लिया है।
गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 2014 में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करने पर रोक लगाने का फैसला सुनाया था। वहीं इसके बाद साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली में 15 साल से अधिक पुराने डीजल एवं पेट्रोल वाहनों पर बैन लगाने का आदेश दिया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आदेश का उल्लंघन करने पर वाहनों को जब्त किया जाए।
दक्षिणी दिल्ली में सबसे ज्यादा वाहनों का पंजीकरण रद्द
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दक्षिणी दिल्ली भाग एक से सबसे अधिक वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया है। 27 मार्च तक कुल 9,285 तिपहिया और 25,167 कैब को चलाने से रोका गया है।
कहां कितने वाहनों का पंजीकरण रद्द
माल रोड जोन – 2,90,127
IP डिपो – 3,27,034
दक्षिणी दिल्ली भाग-1 – 9,99,999
दक्षिणी दिल्ली भाग-2 से 1,69,784
जनकपुरी 7,06,921,4
लोनी 35,408
सराय काले खां 4,96,086
मयूर विहार 2,99,788
परिवहन विभाग ने 29 मार्च को ओवरएज वाहनों को सीधे स्क्रैपिंग के लिए भेजने के लिए एक अभियान की शुरुआत की थी। परिवहन कार्रवाई करते हुए रोज 100 वाहन उठा रहा है। विभाग की प्रवर्तन टीमें एक चुने हुए क्षेत्र में गहन अभियान चलाती हैं और वाहनों को स्क्रैप के लिए भेज रही है। दिल्ली में परिवहन आयुक्त आशीष कुंद्रा ने कहा कि अधिक उम्र के वाहनों के मालिकों से अनुरोध है कि वे NOC प्राप्त करें और अपने वाहनों को उस राज्य में बेच दें, जहां वे चलने के लिए फिट हों।
वाहनों की कुल संख्या में 35.38 फीसदी की कमी
दिल्ली के 2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के वाहनों की कुल संख्या में 35.38 प्रतिशत की कमी आई है। 2021-22 में कुल 79.18 लाख वाहन दिल्ली की सड़कों पर दर्ज किए गए।
सोर्स :-“नईदुनिया”
