पंचायत द्वारा उचित स्थान पर सामुदायिक शौचालय नहीं बनाए जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी
छत्तीसगढ़

पंचायत द्वारा उचित स्थान पर सामुदायिक शौचालय नहीं बनाए जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी

कसडोल। जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के  स्वच्छ भारत स्वस्थ्य भारत के सपनों को साकार रूप देने के लिए शासन द्वारा अनेकों प्रकार के उपाय किये जाते रहे हैं।और जन जन तक उन योजनाओं का लाभ पहुचाने हेतु पंचायत एवं निकायों हेतु लाखों करोड़ों रुपये की राशियों का आबंटन किया जाता रहा हैं, किन्तु जमीनी स्तर पर अधिकारियों या फिर जनप्रतिनिधियों के थोड़े से लापरवाही के कारण शासन की अनेकों महत्वपूर्ण योजनाओं का सही लाभ जनता को नहीं मिल पाता और कई प्रकार की योजनाएं केवल शो पीस बन कर ही रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला अभी अभी सामने आया है। बलौदाबाजार-भाटापारा ज़िले के कसडोल विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जनसुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय निर्माण हेतु  शासन द्वारा अभिस्वीकृति प्रदान की गई है। वैसे ही ग्राम पंचायत अमोदी को भी सार्वजनिक शौचालय निर्माण हेतु 3.50 लाख रुपये की राशि शासन द्वारा स्वीकृत हुई है, जो कि पूर्व में उक्त सार्वजनिक शौचालय को जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सर्वसम्मति अभिमत  से बस स्टैंड समीप मड़वा रोड पर निर्माण किया जाना प्रस्तावित किया गया था। किंतु स्वीकृति उपरांत सरपंच एवं कुछ पंचों द्वारा शौचालय निर्माण की जगह परिवर्तन को लेकर ग्रामीणों द्वारा नाराजगी जाहिर की जा रही है।पूर्व में प्रस्तावित जगह बस स्टैंड के समीप होने एवं आस पास के ग्रामों डेराडीह, तुरकीनडीह, रामपुर,कोट, तिपरूंग ,मनाकोनी , दर्रा,छत्तीसगढ़ के दार्शनिक स्थल गिरौदपुरीधाम, मड़वा,मटिया एवं साथ ही साथ आस पास के पंद्रह  से बीस ग्रामों के सैकड़ो ग्रामीण स्थानीय बाजारों एवं ग्राम पंचायत अमोदी के दोनों दिशाओं कसडोल एवं शिवरीनारायण खरौद स्थित कालेजों में जाने के लिए छात्र छात्राएं बसों का इन्तेजार करते काफी समय व्यतीत करते है ।गिरौदपुरी एवं गिधौरी की दिशाओं से आने जाने वाले यात्रियों का एक महत्वपूर्ण प्रतीक्षा स्थल है जहाँ पर समीप में ही धान खरीदी केंद्र ,उपस्वास्थ्य केंद्र एवं साप्ताहिक बाजार स्थल भी स्थित है जिस हिसाब से यह स्थान सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए अत्यंत ही उचित स्थान है। किंतु ग्राम पंचायत के कुछ लापरवाह जनप्रतिनिधियों के    स्वार्थ उद्देश्य के मद्देनजर गांव में यह चर्चा है कि सार्वजनिक शौचालय निर्माण का स्थल परिवर्तन की बात पर ग्रामीण काफी नाराज़गी जाहिर करने लगे है। एवं शासन प्रशासन से मांग किया गया है कि पूर्व निर्धारित स्थल पर ही शौचालय का निर्माण किया जावे।

अशोक कुमार टंडन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *