बेटियों के लिए मिसाल हैं टीचर से PCS बनीं रोशनी, लड़ चुकी हैं छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव
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बेटियों के लिए मिसाल हैं टीचर से PCS बनीं रोशनी, लड़ चुकी हैं छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव

बेटियों के लिए मिसाल हैं टीचर से PCS बनीं रोशनी, लड़ चुकी हैं छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव

सीतापुर: कहते हैं कि अगर हौसला है कुछ करने का तो मुकाम मिल ही जाता है. इन दिनों यूपी (Uttar Pradesh) के सीतापुर (Sitapur) में तैनात प्रशिक्षु एसडीएम (SDM) रोशनी यादव, बेटियों के लिए मिसाल हैं. शिक्षिका (teacher) से पीसीएस अधिकारी (PCS officer) बनी रोशनी यादव (Roshni Yadav) आजमगढ़ (Azamgarh) जिले की रहने वाली हैं. 1 साल पहले रोशनी सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) जिले में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थीं. प्रशिक्षु एसडीएम रोशनी कलेक्ट्रेट में जन सुनवाई के दौरान महिलाओं और दिव्यांगों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनकर निस्तारित करती हैं. शिक्षिका से एसडीएम बनी यह प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारी रोशनी यादव बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं.

महिलाओं और दिव्यांग जनों को न्याय दिलाना है लक्ष्य
मध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी रोशनी यादव बताती हैं कि सरकार प्राइमरी शिक्षा पर बहुत फोकस कर रही है. हमारे प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने एक किताब लिखी है ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जिसमें बेसिक एजुकेशन (Basic Education) के बारे में बड़ी खूबसूरती से शिक्षा के बारे में बताया है कि प्राइमरी शिक्षा से ही हम अच्छे राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं. प्रशिक्षु एसडीएम रोशनी यादव बताती हैं कि समाज के निचले तबके को न्याय दिलाना उनका लक्ष्य है. महिलाओं को प्राथमिकता से न्याय दिलाना और दिव्यांग जनों को न्याय दिलाना उनका लक्ष्य है.

आईएएस एग्जाम की भी तैयारी कर रही हैं रोशनी
प्रशिक्षु एसडीएम रोशनी यादव सिद्धार्थनगर के बांसी ब्लाक के जाजर मठिया प्राथमिक विद्यालय (Primary School) में सहायक अध्यापक के पद पर रह चुकी हैं. लेकिन उन्होंने लोगों को न्याय दिलाने के लिए अपनी तैयारी जारी रखी और प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) में कार्यरत रहते हुए पीसीएस एग्जाम (PCS exam) में पहली बार में ही सफलता हासिल की. उन्होंने कहा, “मेरी कोशिश होगी बेटियां अपने आप को कम ना समझें और अपने हक के लिए लड़ें. अगर हक नहीं मिलता है तो उसे छीन कर ले लें, और आगे बढ़ें.” प्रशिक्षु पीसीएस रोशनी यादव अपने काम के साथ आईएएस एग्जाम की भी तैयारी कर रही हैं. उनका सपना है कि वे आईएएस अधिकारी (IAS officer) बनें और समाज में निचले तबके तक न्याय पहुंचाएं.

2013 में लड़ा था छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव
प्रशिक्षु एसडीएम रोशनी यादव बताती हैं कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) में वह 2013 में छात्रसंघ (student union) अध्यक्ष का चुनाव (election) लड़ी थीं जिसे वह हार गई थीं. लेकिन हिम्मत नहीं हारी और शिक्षक बनीं. शिक्षक बनने के बाद हमेशा खुली आंखों से सपने देखने वाली रोशनी ने यह मुकाम हासिल किया. प्रशिक्षु एसडीएम का मानना है कि प्रशासनिक सेवा में लोगों को न्याय देना ही उनका मुख्य मकसद रहेगा.

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