• November 30, 2022 3:59 am

कहा-जन्मदिन पर उनके पास नहीं जा सका, लेकिन लाखों माताएं आशीर्वाद दे रहीं

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17  सितंबर 2022 | कूनो में चीतों को छोड़ने के बाद कराहल की सभा में पीएम मोदी अपनी मां को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, अगर मेरे जन्मदिन पर कोई कार्यक्रम नहीं रहता तो मैं अपनी मां का पास जाता, उनके चरण छूकर आशीर्वाद लेता। आज मैं अपनी मां के पास नहीं जा सका, लेकिन आज जब मेरी मां देखेगी कि मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचल की लाखों माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही हैं, तो उनको जरूर संतोष होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने के बाद हेलिकॉप्टर से कराहल (श्योपुर) पहुंचे थे। वे यहां महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में शामिल हुए। प्रधानमंत्री योजना के तहत चार कौशल केंद्रों का लोकार्पण किया। ये योजनाएं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए काम करेंगी।

PM ने कूनो लाए गए चीतों का जिक्र करते हुए कहा, मध्यप्रदेश के मेरे भाइयों-बहनों, भारत सरकार ने आपको ये चीते इसलिए भेंट किए हैं, क्योंकि हमारा विश्वास आप पर ज्यादा है। मध्यप्रदेश ने कभी मेरे भरोसे पर आंच नहीं आने दी है और मैं जानता हूं कि श्योपुर के भाई-बहन भी मेरे विश्वास को टूटने नहीं देंगे।

PM मोदी के भाषण की प्रमुख बातें…

  • पिछली शताब्दी के भारत और इस शताब्दी के नए भारत में एक बहुत बड़ा अंतर हमारी नारीशक्ति के प्रतिनिधित्व के रूप में आया है। आज के नए भारत में पंचायत भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक नारीशक्ति का परचम लहरा रहा है।
  • हाल में संपन्न हुए पंचायत चुनावों में पूरे मध्यप्रदेश में लगभग 17000 बहनें जनप्रतिनिधि के रूप में चुनी गई हैं। ये बड़े बदलाव का संकेत है, बड़े परिवर्तन का आह्वान है। हमारी सरकार ने देश की 2 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को घरों की मालकिन बनाया है।
  • आप स्व सहायता समूह की मेरी बहनों, आपने कोरोना काल में संकट की उस घड़ी में मानव मात्र की सेवा के लिए लाखों मास्क बनाए और इसके बाद आजादी के 75वें अमृत वर्ष में आपने असंख्य तिरंगे बनाकर हम सबको गौरवान्वित किया।
  • पिछले 8 वर्षों में स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने में हमने हर प्रकार से मदद की है। देश में 8 करोड़ से अधिक बहनें इस अभियान से जुड़ी हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर ग्रामीण परिवार से कम से कम एक बहन इस अभियान से जुड़े।
  • मध्यप्रदेश में अब तक 40 लाख परिवारों को नल से जल पहुंचाया जा चुका है। मैं इस अभियान की सफलता का श्रेय आप बहनों को देता हूं। 3 हजार से अधिक नल जल परियोजनाओं का प्रबंधन आप स्व सहायता समूह की बहनों द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
  • जनजाति अंचलों में जो वन उपज है, उनको बेहतरीन उत्पादों में बदलने के लिए हमारी जनजाति बहनें प्रशंसनीय काम कर रहीं हैं। मध्यप्रदेश सहित देश की लाखों जनजाति बहनें प्रधानमंत्री जनधन योजना का लाभ उठा रहीं हैं।

    CM बोले, आज MP खुशी से झूम रहा..

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे बीच में हैं। मध्यप्रदेश आज खुशियों से झूम रहा है। CM ने घोषणा करते हुए कहा कि जो होटल और रिसोर्ट बनाएंगे और जनता और पर्यटकों की सुविधा के लिए अधोसंरचना बनाएंगे, हम उनको विशेष सुविधाएं देने का काम करेंगे।

    महिलाओं ने बताई सफलता की कहानी…

    • कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की सदस्य सुनीता आदिवासी ने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी सफलता की कहानी बताते हुए कहा, मैं कभी बच्चों के साथ भूखे पेट सोती थी, आज कार से चलती हूं। अब मेरे पास अमरूद का बगीचा है।
    • कलियाबाई ने कहा, हम कभी बाहर काम करने जाती थीं, आज स्व सहायता समूह की मदद से अच्छी जिंदगी जी रही हैं। मुझे और पति को कभी मजदूरी के 150 रुपए मिलते थे। बच्चों को दो वक्त का खाना नहीं दे पाते थे। आज 30 हजार रुपए महीना कमाती हूं।

    मंत्री बोले- जब PM से श्योपुर आने का अनुरोध किया तो बोले थे- खाली हाथ नहीं चलेंगे…

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने श्योपुर आने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार मानते हुए कहा- ये श्योपुर जिला बहुत ही छोटा है। लेकिन, प्राकृतिक संपदा से भरा है। इस जिले में दो विधानसभा हैं। इस क्षेत्र में जंगल हैं। शिव भगवान के कई मंदिर हैं, इसी कारण इसे श्योपुर नाम दिया गया है। आज गांव के गरीब किसानों से मिलने के लिए, हमारी बहनों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए हैं।

    श्योपुर में अभयारण्य बनाने के लिए लोग विस्थापित हो गए, इंतजार करते रहे कि क्षेत्र आगे बढ़ेगा। लेकिन, ये इंतजार ही रहा। 2014 में पीएम मोदी ने पद संभाला। इसके बाद उनसे अनुरोध किया। पीएम मोदी ने कहा- हम श्योपुर चलेंगे तो खाली हाथ नहीं चलेंगे। जब पहुंचेंगे तो चीते के साथ ही इस अभयारण्य का शुभारंभ करेंगे।

    PM मोदी ने कूनो में छोड़े चीते
    भारत का 70 साल का इंतजार शनिवार को खत्म हुआ। नामीबिया से आए 8 चीतों ने भारत की सरजमीं पर पहला कदम रखा। कूनो नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बॉक्स खोलकर तीन चीतों को क्वारैंटाइन बाड़े में छोड़ा। रिकॉर्डेड भाषण में PM मोदी ने चीते भेजने के लिए नामीबिया का आभार माना।
    Source:-“अमर उजाला”       

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