• June 6, 2026 1:21 pm

कैदी भाइयों के हाथों में बहनें नहीं बांध पाई राखी, रायपुर सेंट्रल जेल में आई फ्लू का कहर

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अगस्त 30 2023 ! रायपुर सेंट्रल जेल में कैद भाईयों को इस बार भी उनकी बहनें कलाई पर राखी नहीं बांध पाई। दरअसल सेंट्रल जेल में इन दिनों आई फ्लू का संक्रमण फैला हुआ है। वहीं कोराना वायरस का संक्रमण पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है। इस वजह से कैदियों के स्वजनों को जेल के भीतर आने पर जेल प्रशासन ने पाबंदी लगा रखी थी। ऐसे में बुधवार को कई बहनें राखी लेकर बांधने के लिए जेल के मुख्य द्वार पर पहुंची तो उन्हें निराशा हाथ लगी। जेल प्रशासन ने राखी लेकर बहनों को वापस लौटा दिया।

रायपुर सेंट्रल जेल में हर साल राखी त्योहार पर मेले जैसा माहौल रहता था। हजारों की संख्या में बहनें अपने कैदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचती थी। साथ ही स्वजन सहित अन्य भी मिलने और बातचीत कर दुख-सुख बांटने आते थे। इस अवसर पर जेल प्रशासन भी अपनी ओर से पूरी व्यवस्था रखता था, लेकिन इस बार राखी पर्व पर स्वजनों के अंदर आने पर मनाही होने के कारण राखी लेकर पहुंची बहनों को लिफाफे में रखकर राखी को काउंटर पर जमा करना पड़ा। राखी से भरे इन लिफाफों को गुलाबी डिब्बों में एकत्रित कर जेल प्रशासन ने कैदियों को उपलब्ध कराया।

यह लगातार चौथा साल है, जब बहनें केंद्रीय जेल में कैद अपने भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पा रही हैं।इस साल को छोड़कर बीते तीन सालों तक कोरोना संक्रमण की वजह से कैदी भाइयों से बहनों की मुलाकात पर प्रतिबंध लगाया गया था। कोरोना का असर खत्म होने के बाद इस बार बहनों को उम्मीद थी कि वे अपने भाइयों को राखी बांध पाएंगी, लेकिन जेल उप महानिरीक्षक एसएस तिग्गा ने एक आदेश जारी कर बहनों की आशा को निराशा में बदल दिया है।

जेल अधीक्षक एसएस तिग्गा ने जारी आदेश में कहा है कि रक्षा बंधन पर्व पर प्राप्त राखियों को पूरी तरह से सेनेटाइज करके ही कैदी भाईयों को दिया जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार पुरूष, महिला कैदियों की उनके स्वजनों से प्रिजन कालिंग सिस्टम के जरिए बात कराया जाए। इस आदेश के बाद देर शाम को कई कैदी भाईयों ने अपनी बहनों व स्वजनों से फोन पर बातचीत कर एक दूसरे का दुख-दर्द बांटा।

सोर्स :-“नईदुनिया


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