26 मई 2022 | आज जहां पूरे देश में अंतरजातीय विवाह को लेकर मान्यताएं खत्म होती जा रही हैं। वहीं दुर्ग जिले का एक गांव अकोली ऐसा भी है, जहां पर प्रेम विवाह करने वाले को पंचायत द्वारा ऐसी सजा दी जाती है जिसमें पहले 50 हजार रुपये जुर्माना देना पड़ता है। इसके साथ गांव के ही लोगों से घर-घर जाकर भीख मांगना पड़ता है। वहीं अंतरजातीय विवाह करने वालों युवाओं का साथ देने वालों को भी एक लाख रुपये दंड देना पड़ता है। गांव में प्रेम विवाह करने वाले युवकों ने जब इसका विरोध किया तो गांव के सरपंच कोटवार द्वारा बनाई गई टीम अब तीन लाख रुपये दंड मांगना शुरू कर दिया है। पीड़ित नवविवाहित जोड़े ने इसकी गुहार क्षेत्र के एसडीएम से भी लगाई है।उनके द्वारा भी कोई मदद नहीं की गई है। नव विवाहित जोड़े ने अपनी सुरक्षा और इस तरह के दंड से राहत दिलाने की मांग करते हुए कलेक्टर और एसपी को भी मिलकर अपनी आपबीती बताई है।
केस-1योगेंद्र वर्मा , ग्राम अकोली ने 16 दिसंबर 2021 को समीप के गांव परस बोर्ड में रहने वाली पार्वती साहू से आर्य समाज भिलाई में अंतर जातीय विवाह किया है। योगेंद्र वर्मा अपनी आपबीती बताते हैं कि जब से वे अंतरजातीय विवाह किए हैं तब से उन्हें काफी मानसिक एवं सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है इसके तहत वह गांव के किसी व्यक्ति से बात नहीं कर पा रहे हैं यही नहीं इस विवाह में उनका साथ देने वाले एक अन्य मित्र उमरेश से भी दंड के रूप में एक लाख रुपये मांगा जा रहा है। एसबीआई क्रेडिट कार्ड का काम करने वाले योगेंद्र बताते हैं कि उनके पास यह राशि नहीं होने की वजह से वे दंड शुल्क को नहीं दे पाए हैं ऐसी स्थिति के बाद गांव में उन्हें अलग-थलग कर दिया गया है। योगेंद्र ने बताया कि उनके द्वारा इस मामले की शिकायत एसडीएम धमधा बृजेश क्षत्रिय एसपी दुर्ग कलेक्टर दुर्ग से भी कर चुके हैं। योगेंद्र वर्मा के अनुसार उन्हें दंड देने के पहले पंचायत द्वारा ग्रामीणों की बैठक कराई गई जिसमें सभी के सामने कहा गया कि अंतरजातीय विवाह करने के कारण उनसे कोई भी ग्रामीण बात नहीं करेगा।
केस-2दिलेश वर्मा ने ग्राम विचारपुर भरदा की रहने वाली मंजू वर्मा से अंतरजातीय विवाह किया है। दिलेश के पिता देवप्रसाद वर्मा बताते हैं कि उनके बेटे ने रायपुर के बैजनाथ पारा आर्य समाज में विवाह किया है। वे बताते हैं कि गांव के सरपंच राजकुमार वर्मा ने कह दिया है कि गांव का कोई भी व्यक्ति उनसे बात नहीं करेगा ना ही उनसे कोई सामाजिक सरोकार रखेगा। यही नहीं रोजगार गारंटी योजना के तहत उन्हें काम पर भी नहीं ले जाया जाता है।सरपंच हर काम में अड़चन डाल रहे हैं। वे मिस्त्री का काम करते हैं। उन्हें मजदूरी करने में भी दिक्कतें हो रही हैं। ऐसी स्थिति के बाद वे दूसरे गांव में जाकर मजदूरी करते हैं। जिससे वहां काम के लिए जाने आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जिस स्तर पर भी वह शिकायत करने जाते हैं । वहां पर यही कहा जाता है कि यह गांव का मामला है और बैरंग लौटा दिया जाता है।
दंड देने के लिए सरपंच ने बनाई है एक टीम…ग्राम अकोली के सरपंच राजकुमार वर्मा ने एक टीम बनाई है जिसमें शत्रुघ्न वर्मा गौतम वर्मा भिखारी वर्मा देव सिंह वर्मा विमला वर्मा हेम सिंह वर्मा राधे लाल वर्मा रामअवतार वर्मा और शिव वर्मा शामिल है इनके द्वारा गांव में अंतरजातीय विवाह कर वापस आने वाले युवकों को बुलाकर पंचायत द्वारा तय नियम कायदों की जानकारी देते हुए दंड का भागीदार बताया जाता है इसके बाद उनसे दंड की राशि 50 हजार रुपये देने के लिए कहा जाता है।
जिला दुर्ग के धमधा एसबीएम बृजेश क्षत्रिय ने कहा, अंतरजातीय विवाह करने वाले युवक योगेंद्र वर्मा ने मुझे शिकायत की है। इसकी जांच पुलिस ,तहसीलदार से करवाई जा चुकी है। गांव वालों को भी बुलाकर पूछताछ की गई है। जांच जारी है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कह पाऊंगा।ग्राम अकोली निवासी पीड़ित योगेंद्र वर्मा ने कहा, मैंने अंतरजातीय विवाह किया है। जब से मैं गांव में अपनी पत्नी के साथ रहने आया हूं। तब से मुझे मानसिक सामाजिक प्रताड़ना मिल रही है। इसकी शिकायत तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर और एसपी से मैंने की है। अब तक मुझे कोई न्याय नहीं मिला है। गांव का कोई भी व्यक्ति बात नहीं करता है ,ना ही हमारे स्वजनों से कोई मिलने आता है। हम गांव में तिरस्कृत जीवन जीने के लिए विवश है।
Source;-“नईदुनिया”
