• September 29, 2022 10:41 pm

मास्क पहनने जागरूक करने गुरव समाज के भाई बहन घर में बना रहे डिजाइनर्स मास्क

ByPrompt Times

Apr 12, 2021
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कोरोना के कारण हर व्यक्ति को मास्क का उपयोग करना जरूरी हो गया है।  सरकार तरह तरह के तरीके अपना कर लोगो को मास्क के लिए जागरूक कर रही है। ताकि लोग मास्क का उपयोग करे, पर फिर भी लोग मास्क उपयोग नही करते है।खरगोन निवासी गुरव समाज के तीन भाई, बहन, वंशिका, खुशी और दिव्यांश  ने लोगो को मास्क पहनने के लिए जागरूक करने का नया तरीका अपनाया है उन्होंने मास्क को फेशनेबल बनाने का काम शुरू किया। तिलक पथ निवासी वंशिका निमाडे का कहना हैकि ये बोरिंग मास्क जो हम रोज पहन रहे हैं, इन्हें क्या थोड़ा फैशनेबल नहीं बनाया जा सकता। उनका कहना है कि लोग मास्क पहनने में ज्यादा रुचि ले इश्लिये उन्हें स्टाइलिस और डिजाइन मास्क बनाने के आइडिया आया।समाज के हेमन्त मोराने ने बताया किबीएस सी की स्टूडेंट वंशिका को फोटोग्राफी का बहुत शौक है, बारहवीं कक्षा में पढ़ रही उसकी बहन खुशी को आर्ट्स एंड क्राफ्ट और नवमी कक्षा में अध्ययन भाई दिव्यांश की संगीत में रुचि है घर पर पढ़ाई के साथ साथ तीनो अपने खाली वक्त का सदुपयोग मास्क बनाने में कर रहे है। वंशिका निमाडे चमकदार और बेहतर मास्क बनाने में लगी रहती है। ना सिर्फ वंशिका, बल्कि उसके भाई-बहन खुशी और दिव्यांश ने भी इस पहल को अपनाया है वो भी घर पर फैंसी मास्क बनाने में लगे है। 

ऐसे डिजाइनर मास्क तैयार कर रहे।
वंशिका ने बताया कि सादे मास्क को क्रिएटिव बनाने का सोचा। इसलिए प्लेन मास्क को डिजाइन डालने का काम शुरू किया। मास्क पर कट आउट फ्लावर्स, क्रिस्टल स्टोंस और अन्य सजावटी चीजों का सहारा लिया। 2डी एवं 3डी मॉस्क बना रहे। दो लेयर से लेकर चार लेयर तक के मॉस्क भी बनाए। अपने हाथों से मास्क पर धागे से नाम लिखे हुए मास्क भी बनाये। मास्क के साथ क्रिएटिविटी में सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं। बच्चों के लिये उनके प्रिय कार्टून कैरेक्टर का नाम या बच्चों के नाम भी लिख कर उसे डिजाइनर बना रहे। वंशिका के छोटे भाई दिव्यांश ने ढिशूम कोरोना मास्क बनाया है इससे कोरोना को मारने और मात देने का संदेश है. दिव्यांश का कहना है कि मास्क बनाने का मेरा यही मकसद है जो इन्हें पहनें वो भी कोरोना के साथ ढिशूम करें और कोरोना को मार गिराएं। वे अपने बनाये मास्क कम दाम पर लोगो उपलब्ध करवा रहे है। बच्चों के पिता मनीष निमाडे वो भी अपने बच्चों के इस टेंलेंट को देखकर हैरान हैं.   और  पूरे परिवार के लोग उन्हें इस कार्य मे प्रोत्साहित कर रहे है। उनका कहना है कि कहीं भी जाना है तो मास्क पहनना जरूरी है. सादा मास्क पहनने की जगह ऐसे क्रिएटिव मास्क पहनने से जिंदादिली का अहसास होता है. ऐसे में इन बच्चों का दिखाया रास्ता सुरक्षित होने के साथ तारीफ के काबिल है। उन्होंने  बहुत से लोगो को जैसे बच्चो ,निशक्त जन , दिव्यांगों और इसके साथ असमर्थ लोगो को भी निःशुल्क वितरण भी किये है।


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