इस हाई प्रोफाइल मीटिंग में दो अहम मुद्दों पर बात हुई. मीटिंग में अफगानिस्तान की बॉर्डर फोर्स की ओर से होने वाली फायरिंग और पाकिस्तान के अंदर तहरीक-ए- तालिबान की ताबड़तोड़ आतंकी वारदातों को लेकर चर्चा की गई. बता दें कि टीटीपी के आतंकी खैबर पख्तूनख्वा में हर रोज धमाका कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तान की सेना KPK में मिलिट्री ऑपरेशन लॉन्च करने से डर रही है. इतना ही नहीं पाकिस्तान के पूर्व सैनिक और बड़े-बड़े डिफेंस एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि तालिबान को सपोर्ट करना पाकिस्तान की सबसे बड़ी गल
तालिबान सरकार के संरक्षण में काम कर रहे आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमलों से पाकिस्तान में इन दिनों हालात गंभीर बने हुए हैं. इस महीने टीटीपी ने पाकिस्तान में एक के बाद एक कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल सईद असीम मुनीर ने मंगलवार (27 दिसंबर) को आर्मी हेडक्वार्टर में सेना के टॉप कमांडरों की अचानक मीटिंग बुलाई थी. इस मीटिंग में टीटीपी से जुड़े मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई. जनरल मुनीर ने पिछले महीने ही पाकिस्तानी सेना की कमान संभाली है. उसके बाद टॉप कमांडरों की हुई यह दूसरी बैठक थी. बैठक के बाद बताया गया कि कमांडरों ने आतंकवाद का जड़ से खात्मा करने का संकल्प लिया है.