किसानों के साथ अब तक क्यों नहीं बन सकी सहमति? सरकार ने अब कही ये बात
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किसानों के साथ अब तक क्यों नहीं बन सकी सहमति? सरकार ने अब कही ये बात

तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच बुधवार को 10वें दौर की वार्ता होने वाली है. लेकिन इससे पहले सरकार ने सोमवार को कहा कि दोनों पक्ष मामले का जल्द समाधान चाहते हैं. लेकिन अलग विचारधारा के लोगों की इन्‍वॉल्‍वमेंट की वजह से इसमें देरी हो रही है.

सरकार (Central Government) ने यह दावा किया कि नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं. जब भी कोई अच्छा कदम उठाया जाता है तो इसमें अड़चनें आती हैं. सरकार ने कहा कि मामले को सुलझाने में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि किसान नेता अपने हिसाब से समाधान चाहते हैं. बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा इस मामले में बनाई गई समिति भी मंगलवार को अपनी पहली बैठक करेगी.

किसानों से सीधी वार्ता में समाधान संभव
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री परषोत्तम रूपाला ने कहा कि जब किसान हमसे सीधी बात करते हैं तो अलग बात होती है. लेकिन जब इसमें नेता शामिल हो जाते हैं, अड़चनें सामने आती हैं. अगर किसानों से सीधी वार्ता होती तो जल्दी समाधान हो सकता था. चूंकि विभिन्न विचारधारा के लोग इस आंदोलन में प्रवेश कर गए हैं, इसलिए वे अपने तरीके से समाधान चाहते हैं. लेकिन दोनों के अलग-अलग विचार हैं. इसलिए देर हो रही है.

गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर पिछले लगभग 50 दिनों से तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने इस बीच डिजिटल माध्यम से एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दोहराया कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए लाभकारी होंगे.

ZEE

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