अक्टूबर 13 2023 ! भारत के इतिहास में बहुत सी पुरानी धरोहर है, जिनका बहुत पुराना इतिहास किसी ना किसी किताब में मिल जाएगा. लेकिन इन धरोहरों को हम संजोकर नहीं रख पाए हैं. ऐसी ही एक धरोहर है सती मठ, जहां बहुत सालों पहले महिलाएं अपने पति के साथ सती हो जाती थी. मुरादाबाद में बहुत सी ऐसी जगह है जहां पर महिलाएं सती हुई थी. इसके साथ ही वहां आज भी उन महिलाओं के मठ बने हुए है जहां पर लोग पूजा पाठ करते हैं.
इतिहासकार डॉक्टर अजय अनुपम ने बताया कि रामगंगा नदी के किनारे पर एक मंदिर है. कहा जाता है कि पांडवों ने जब अज्ञातवास किया तो माता कुंती ने वहां देवी की पूजा की थी. उसी के आसपास श्मशान घाट बना है. उसके किनारे से कटघर तक नदी बहती हुई जा रही है. जहां पर मठ हुआ करते थे हमने पुराने लोगों से सुना है कि वह मठ पूर्व में सती हुई महिलाओं की अस्थियों के मठ थे. उन्होंने बताया कि एक तो सतियों के मठ अगवानपुर में हैं. इसके साथ ही सतियों के मठ कटघर में भी थे. यह मठ करीब 60 साल पहले तक थे जो अब नही है. इसके साथ ही कुछ सतियों के मठ लालबाग स्थित रामगंगा नदी के किनारे भी थे लेकिन अब वहां पर भी नहीं है.
उन्होंने बताया कि भारतीय महिला अपने सतीत पर जान देती थी इसके साथ ही महिलाएं अपने आत्मसम्मान को बचाने के लिए अपने पति की मृत्यु के पश्चात सती हो जाया करती थी. उन्होंने बताया कि मुरादाबाद में भी स्त्रियों ने अपना सम्मान बचाने के लिए अपने आप को आग में झोंक था और उनके परिवार के लोगों ने उनकी अस्थियों को पिलर के नीचे दबा दिया था. जिनसे उनकी अस्थियों को अस्त-व्यस्त ना किया जा सकें. इसी तरह से कुछ सतियों के मठ अपना अस्तित्व खो चुके हैं. लेकिन बहुत सी जगह साथियों के मैथ आज भी मौजूद हैं.
सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”
