29 मार्च 2023 | राहुल गांधी का बंगला खाली कराने का बदला कांग्रेस अब छत्त्तीसगढ़ में लेगी। प्रदेश में सरकार जाने के बाद भी भाजपा के कई बड़े नेताओं और पूर्व मंत्रियों को बंगले आवंटित हैं। कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह भी बंगला आवंटन की समीक्षा करेंगे। कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने राजीव भवन में मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस ने कभी भेदभाव नहीं किया है, लेकिन जिस तरीके से केंद्र सरकार काम कर रही है, हमारी सरकार भी छत्त्तीसगढ़ में पूर्व मंत्रियों को आवंटित बंगलों की समीक्षा करेगी। जब हमारे नेताओं के बंगले खाली कराए जा रहे हैं तो हम भी समीक्षा करेंगे।
सैलजा के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के निशाने पर पूर्व मंत्री रहेंगे। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो भाजपा सरकार में मंत्री रहे बृजमोहन अग्रवाल का बंगला अब तक खाली नहीं हुआ है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंदकुमार साय को भी बंगला आवंटित है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने सरकारी बंगला आवंटित करने के नियमों की पड़ताल शुरू कर दी है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार जाने के बाद सभी पूर्व मंत्रियों को बंगला खाली करने का आदेश मिला था। बृजमोहन के अलावा सभी मंत्रियों ने सरकारी बंगला खाली कर दिया। बृजमोहन को आवंटित बंगला मंत्री रुद्र गुरु को आवंटित किया गया था। उस समय बंगला नहीं खाली करने पर रुद्र गुरु के करीबी लोगों ने मुख्यमंत्री से शिकायत भी की थी। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी को सांसद के रूप में जो बंगला आवंटित था, उसे खाली करा दिया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह को मुख्यमंत्री निवास के बगल का बंगला आवंटित किया गया है। हालांकि डा रमन उस बंगले में कभी रहे नहीं। वह मौलश्री विहार स्थित अपने निजी बंगले मे रहते हैं। सरकारी बंगले को उन्होंने अपना कार्यालय बनाया है। सूत्र बताते हैं कि चार साल में डा रमन इस बंगले में चार बार भी नहीं गए हैं। इसके साथ ही पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय को आनंद नगर में बंगला आवंटित है। सूत्रों की माने तो उनको यह बंगला पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की हैसियत से दिया गया है।
सोर्स :-“नईदुनिया”
