जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के पश्चिम बस्तर संभाग में बुधवार को बीजापुर और दंतेवाड़ा अंतर जिला सीमा पर सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई है।इस मुठभेड़ में अभी तक 12 माओवादी ढेर हो गए हैं, जबकि जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के 3 जवान शहीद हुए हैं। शहीद DRG जवानों की पहचान हेड कांस्टेबल मोनू वडाडी, कांस्टेबल दुकारू गोंडे और एक अन्य के रूप में हुई है। मुठभेड़ में 2 अन्य जवान घायल हैं, लेकिन खतरे से बाहर हैं।मुठभेड़ सुबह 9 बजे उस समय शुरू हुई, जब DRG के जवान, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और कोबरा कमांडो की एक संयुक्त टीम ने घने जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया था।तभी गोलीबारी शुरू हो गई। मारे गए माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के बाद मौके से 12 माओवादियों के शव, SLR राइफलें, .303 राइफलें और अन्य गोला-बारूद भी बरामद किया है। इस साल छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की संख्या 270 हो गई है, जिसमें आज के 12 माओवादी भी शामिल हैं।इनमें से 241 अकेले बस्तर संभाग में मारे गए हैं।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज ने कहा कि माओवाद विरोधी अभियान तीव्र और रणनीतिक रूप से संचालित बना हुआ है।बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से माओवादियों के संपूर्ण सफाए की बात कही है।
