• June 7, 2026 9:40 pm

20 हजार 226 किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेचा धान

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30 नवंबर 2022 |  समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसान अब खरीदी केंद्र पहुंचने लगे हैं। समितियों में किसानों की भीड़ उमड़ने लगी है। बीते एक महीने के आंकड़े पर नजर डालें तो 20 हजार 226 किसानों ने अपने हिस्से का धान समितियों में बेच चुके हैं। जिले के एक लाख 27 हजार 689 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए विभिन्न् समितियों में पंजीयन कराया है।

बीते वर्ष की तुलना में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की संख्या बढ़ गई है। 17 हजार 689 किसानों ने ज्यादा पंजीयन कराया है। इसके पीछे भाइयों के बीच आपसी बटवारा होना बताया जा रहा है। बटवारा के कारण बड़े किसानों की संख्या कम होने लगी है और छोटे किसान के रूप में धान बेचने के लिए किसानों ने पंजीयन कराया है। रकबा वही है। रकबा में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। आपसी बटवारा के के कारण किसानों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है। राज्य शासन के निर्देश पर एक नवंबर से धान खरीदी का कार्य हो रहा है। लगातार वर्षा के कारण और खेती की मिट्टी गीली होने के कारण फसल कटाई में विलंब हुआ। इसके चलते समितियों मंे धान भी विलंब से पहुंचा। धान कटाई और मिसाई होने लगी है। इसके चलते खरीदी अब तेजी से होने लगी है। जिला विपणन संघ और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक जिले में 70192.28 में टन धान की खरीदी की जा चुकी है। समितियों से संग्रहण केंद्र के लिए धान का उठाव भी हो रहा है। कस्टम मिलिंग के तहत एफसीआइ में चावल की आपूर्ति करने वाले मिलर्स भी खरीदी केंद्रों से धान का उठाव कर रहे हैं। खरीदी केंद्रों से अब तक मिलरों द्वारा 35 लाख 94 हजार 920 टन धान का उठाव कर लिया गया है। मार्कफेड द्वारा 80 प्रतिशत धान का डिलवरी आर्डर जारी किया जा चुका है। इस वर्ष जिलें में छ: नये उपार्जन केंद्र को शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके साथ जिले में कुल 136 उपार्जन केंद्र हो गए हैं। सभी केंद्रों में धान की खरीदी की जा रही है।

117 मिलर्स का हुआ पंजीयन

कस्टम मिलिंग के तहत भारतीय खाद्य निगम को चावल की आपूर्ति करने के लिए खाद्य विभाग ने 117 राइस मिलर्स से अनुबंध किया है। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक राइस मिलर्स को खरीदी केंद्र के अलावा संग्रहण केंद्र से धान का उठाव करना है और मिलिंग के बाद एफसीआइ को चावल की आपूर्ति करना है। एफसीआइ के मापदंड के अनुसार चावल की आपूर्ति मिलरों को करनी होगी |

सोर्स :-“नईदुनिया”                                


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