30 नवंबर 2023 ! कुछ समय पहले तक चीन को दुनिया की फैक्ट्री कहा जाता था. उसके बाद कोविड जैसी महामारी ने दुनिया को जकड़ा उसके बाद चीन में शुरू हुई बड़ी त्रासदी. ये त्रासदी इकोनॉमिकल लेवल पर ज्यादा देखने को मिली. फैक्ट्री बंद होने लगी. सरकार की कोविड पॉलिसी वजह से दुनिया की तमाम कंपनियों का प्रोडक्शन इफेक्ट होने लगा. जिसके बाद अमेरिका और यूरोपीय कंपनियों ने अपनी स्ट्रैटिजी में बदलाव किया. जिसके तहत चीन के साथ उन्होंने ऐसे देशों को पकड़ना शुरू किया, जिसे चीन का दूसरा ऑप्शन बनाया जा सके और माना जा सके. इसमें भारत की स्थिति नंबर वन हो गई है. एपल, फिर फॉक्सकॉन अब टेस्ला भी भारत आने की तैयारी में जुट गया है.
सबसे खास बात तो ये है कि दुनिया में भारत में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट सबसे कम है. जिसमें भारत चीन को पछाड़कर नंबर वन बन गया है. साथ ही चीन को टक्कर देने के लिए वियतनाम भी आगे बढ़ रहा है. वर्ल्ड ऑफ स्टैटिक्स ने ट्वीट किया है. जिसमें 50 देशों की लिस्ट जारी की गई है. इस लिस्ट को यूएस न्यूज और वर्ल्ड रिपोर्ट के हवाले से तैयार किया गया है. अगर बात टॉप 10 देशों की करें तो भारत और चीन के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया कंबोडिया, इंडोनेशिया जैसे देशों के नाम है. आइए नजर डालते हैं दुनिया के ऐसे 10 देशों पर जहां पर मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम है.
जिस तरह से चीन से एक-एक कर के दुनिया भर की कंपनियां दूसरे देशों की ओर रुख कर रही है. उससे साफ जाहिर होता है कि दुनिया की बड़ी इकोनॉमीज का चीन से मोह भंग हो रहा है. दूसरी सबसे बड़ी बात ये है कि इन बड़ी कंपनियों को चीन में मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट ज्यादा लग रही है. भारत ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है. इसका मतलब है कि दुनिया में सबसे कम मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भारत में है. इसी वजह से एपल जैसी दुनिया की बड़ी कंपनी ने भारत को अपना दूसरा घर बना लिया है. साथ ही धीरे-धीरे ही सही चीन से अपने आपको भारत में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है
सोर्स :- ” TV9 भारतवर्ष “
