त्योहारों के सीजन की शुरुआत से पहले, राजस्थान के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान के मुख्य और व्यस्त रेलवे स्टेशनों को ऐसी धमकी मिली है. इससे पहले भी कई बार आतंकी धमकियों के मामले सामने आ चुके हैं.
त्योहारों का सीजन शुरू होने जा रहा है. इस बीच राजस्थान के मुख्य रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. ये पहली बार नहीं है, जब राजस्थान के मुख्य और सबसे ज्यादा रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. इससे पहले भी कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिलती रही हैं. मिली जानकारी के मुताबिक राजस्थान के रेलवे स्टेशनों को 30 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद हनुमानगढ़ स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया है. यह धमकी हनुमानगढ़ स्टेशन अधीक्षक को मिले एक धमकी भरे पत्र के बाद दी गई है.
जयपुर सहित आधा दर्जन रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसीयां सतर्क हो गई हैं. जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर, हनुमानगढ़, बूंदी, उदयपुर सिटी और मध्य प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर 30 अक्टूबर को धमाके की धमकी दी गई है. इसके अलावा, 2 नवंबर को महाकाल मंदिर उज्जैन और जयपुर के धार्मिक स्थलों पर भी बम धमाके की धमकी दी गई है. यह धमकी जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर सलीम अंसारी के नाम से आई है. हनुमानगढ़ स्टेशन अधीक्षक को डाक से धमकी पत्र मिला है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं.
धमकी भरे पत्र मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. बीएसएफ, पुलिस और रेलवे पुलिस ने मिलकर रेलवे स्टेशन पर सघन सर्च अभियान चलाया. पत्र में राजस्थान के आधा दर्जन से अधिक रेलवे स्टेशनों के नाम लिखे गए थे, जिनमें जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़ शामिल हैं. इसके बाद जीआरपी थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां उच्च अलर्ट पर हैं और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
अस्पताल की दीवार पर अंग्रेजी में खालिस्तान जिंदाबाद के नारे
गत वर्ष 24 अक्टूबर को जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एक विवादास्पद घटना घटी, जब रेलवे अस्पताल की दीवार पर अंग्रेजी में खालिस्तान जिंदाबाद लिखा हुआ पाया गया. इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को उच्च अलर्ट पर ला दिया और स्टेशन मास्टर की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया.
डीएसपी ने दी जानकारी
बीकानेर जीआरपी के डीएसपी ने मामले की जांच की और आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह के रूप में हुई. दोनों आरोपियों को 13 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें देश विरोधी नारे लिखने के लिए पैसे मिलते थे. उनके द्वारा हनुमानगढ़ जंक्शन समेत पांच अन्य स्थानों पर भी खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे गए थे, जिनमें बठिंडा की दो जगहें, धर्मशाला, अमृतसर और हनुमानगढ़ शामिल हैं.
SOURCE – PROMPT TIMES
