10 नवम्बर 2021 | राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तरफ से कुछ दिन पहले सभी विभागों में पैसे का लेन-देन निजी बैंकों के बजाय सरकारी बैंक से करवाने का ऐलान किया गया था। उन्होंने एक आदेश देते हुए कहा था कि सभी सरकारी विभागों का लेन-देन केवल और केवल सरकारी बैंकों के जरिए होगा और प्राइवेट बैंक खातें बंद होंगे। वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग अब भी पूरा लेन-देन प्राइवेट बैंकों के जरिए कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड के लिए भी प्राइवेट बैंक में खाते खुलवाने के आदेश शिक्षा विभाग ने जारी किए हैं।
इसके पीछे का तर्क दिया जा रहा है कि सरकार की तरफ से उन्हें अब तक कोई भी लिखित आदेश नहीं मिले हैं, जिसमें सरकारी बैंकों से लेन-देन की प्रकिया करने के लिए कहा गया हो। ऐसे में समग्र शिक्षा अभियान अथारिटी द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व समूह ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निजी बैंक में जीरो बैलेंस पर अपने-अपने स्कूल के बैंक खाते खुलवाने व रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत पत्र जारी कर कहा गया है कि राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय, ब्लाक स्तर व स्कूल स्तर पर समग्र शिक्षा स्कीम के बैंक खाते एक ही बैंक में होने जरूरी हैं, जोकि निजी बैंक होगा। इसमें जिला डाइट, ब्लाक व स्कूल स्तर के बैंक खाते जीरो बैलेंस पर खोले जाएंगे। इसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों के निजी बैंक में खाते खुलवाने के लिए कहा गया है। इस स्कीम के तहत निजी बैंक एसएएस नगर में खाता खुलवा लिया गया है। अब जिला स्तर व ब्लाक स्तर पर जिले की नोडल ब्रांच से तालमेल कर तुरंत खाता खुलवाने के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत राज्य सरकार की तरफ से खजाने के पूरी राशि मुख्य दफ्तर के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। वहीं जिला दफ्तर, डाइट, ब्लाक व स्कूल में खर्चा करने की लिमिट फिक्स की जाएगी। इसके तहत कहा गया है कि मिलने वाले फंड के लिए खाता खुलवाना जरूरी होगा। राज्य सरकार द्वारा खजाने के जरिए ही पूरी राशि मुख्य दफ्तर के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। वहीं पीएफएमएस पोर्टल के जरिए अदायगी नोडल खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
Source :-” जागरण”
