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120 दिन बाद सेंट्रल जेल से बाहर आते ही पत्नी को लगाया गले,फौरन गाड़ी में बैठकर निकले बाहर

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15 अप्रैल2022 | रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद निलंबित एडीजी जीपी सिंह को अब रिहा कर दिया गया है । शनिवार की शाम वह जेल से बाहर आए। जेल परिसर में बाहर आते ही उन्होंने अपनी पत्नी को गले लगाया । पूरी फुर्ती से चलते हुए अपनी गाड़ी में बैठे और फौरन जेल परिसर से निकल गए।

आय से अधिक संपत्ति के केस में गिरफ्तार IPS और सस्पेंड ADG जीपी सिंह को हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। बताया जा रहा है कि कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी गई है। जीपी सिंह गिरफ्तारी के बाद करीब 120 दिन से जेल में बंद थे। उनपर राजद्रोह का मुकदमा भी चलाया जा रहा है। दोपहर के वक्त रायपुर अदालत की न्यायधीश लीना अग्रवाल की कोर्ट ने जमानत की दस्तावेजी के बाद रायपुर जेल से रिहाई का आदेश जारी कर दिया था।

मीडिया से कहा था मेरे खिलाफ ये साजिश है
पिछले दिनों अदालत में पेश होते समय मीडिया से बात करते हुए जीपी सिंह ने कहा था कि ये उनके खिलाफ साजिश है।ये पॉलिटिकल विक्टमाइजेशन का केस है। मेरे खिलाफ दर्ज FIR पूरी तरह से गलत है। जीपी सिंह के वकील ने भी पुलिसिया कार्रवाई को गलत ठहराया था। जीपी सिंह कह चुके हैं कि जो संपत्ति उनके नाम बताई जा रही है वो उनकी नहीं है और ना ही उनका उससे कोई लेना-देना है। उन्होंने तब कहा था कि ये पूरा केस फैब्रीकेटेड (रचा हुआ) है।

इन शर्तों पर रिहा हुए है जीपी
जीपी सिंह को रायपुर में रहने की अनुमति नहीं होगी
वो अपनी यात्रा के लिए निचली अदालत को सूचित करेंगे
जीपी सिंह को अपने अपने ठहरने की जगह के बारे में एक बंद लिफाफे में ट्रायल कोर्ट को अग्रिम रूप जानकारी देनी होगी।
जीपी सिंह या उनके परिवार के लोग बिना लोअर कोर्ट की अनुमति के प्रॉपर्टी को गिरवी नहीं रखेंगे।
जीपी सिंह मीडिया से कोई बात नहीं करेंगे, केस के सिलसिले में, कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे।
जीपी सिंह किसी भी तरह से गवाहों से संपर्क नहीं करेंगे।
जीपी सिंह कोई ऐसा काम नहीं कर सकते जो जांच को प्रभावित करे।

जीपी सिंह के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ

  • 1 जुलाई 2021 की सुबह 6 बजे ACB-EOW की टीमों ने रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में एक साथ छापा मारा था।
  • जीपी सिंह पर FIR दर्ज की गई। दूसरे दिन शुक्रवार को दिन भर की जांच के बाद 5 करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। 10 करोड़ की संपत्ति मिलने और इसके बढ़ने की आधिकारिक जानकारी दी गई।
  • रायपुर में एक युवक से मारपीट, भिलाई में सरेंडर करने वाले नक्सल कमांडर से रुपयों का लेन-देन, रायपुर में एक केस में आरोपी की मदद का इल्जाम भी जीपी सिंह पर लगा है। इन पुराने केस की फिर से जांच की जा रही है।
  • इन तमाम मामलों के बीच 5 जुलाई को राज्य सरकार ने ADG जीपी सिंह को एक आदेश पत्र में यह लिखते हुए निलंबित कर दिया कि एक अफसर से ऐसी अपेक्षा नहीं थी।
  • जुलाई के महीने से ही जीपी की लीगल टीम पुलिसिया कार्रवाई को रोकने की दलीलें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पेश कर रहे थे। मगर राहत नहीं मिली।
  • जनवरी में उन्हें अब गुरुग्राम से पकड़कर रायपुर पुलिस छत्तीसगढ़ लेकर आई, तब से अब तक पुलिस की कस्टडी में ही जीपी सिंह रह रहे हैं।
  • जीपी सिंह खुद ACB के चीफ रह चुके हैं, इस दौरान उन पर कई लोगों को धमकाने और वसूली करने के आरोप लगे।
  • जीपी के बंगले के छापे में एक डायरी भी मिली जिसमें कुछ नेताओं और अफसरों के खिलाफ बातें लिखीं थीं, इस मामले में उन पर राजद्रोह का केस भी दर्ज है।

Source;- ‘’दैनिकभास्कर’’


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