24 जुलाई 2023 ! जुलाई के दूसरे सप्ताह में भारी बारिश और बाढ़ के चलते मनाली में सबसे ज़्यादा नुकसान देखने को मिला और इसी वजह से पूरा शहर मानो ठहर गया है.
इस आपदा की वजह से जान-माल दोनों का नुकसान उठाना पड़ा. स्थानीय लोगों का दावा है कि शहर कई साल पीछे चला गया है.
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल्लू ज़िले में 20 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 15 की पहचान हो सकी.
ब्यास नदी का तेज़ बहाव अपने साथ 50 से ज़्यादा मकान और कॉर्मिशयल संपत्तियों को बहा ले गया. नेशनल हाइवे के किनारे की संपत्तियों को बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ है.
स्थानीय निवासी और वरिष्ठ पत्रकार छविंदर ठाकुर इस आपदा पर कहते हैं, “ब्यास नदी की बाढ़ ने सितंबर, 1995 में जिस तरह की तबाही मचाई थी, बिलकुल वैसी ही स्थिति उत्पन्न हो गई है. तब मनाली महीनों तक सड़क संपर्क से कटा रहा था. इस बार भी वैसा ही नुकसान हुआ है.”
“कुछ नुकसान तो ऐसे हैं कि उनकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी. ब्यास नदी को अपना रास्ता बदलकर सबकुछ बहाकर ले जाते देखना बहुत डराने वाला था. कुछ ही मिनटों में नेशनल हाईवे पर खड़े वाहन, दुकान और मकान सब बह गए.”
सोर्स :-“BBC न्यूज़ हिंदी”
