वायु प्रदूषण (Air Pollution In India) की वजह से हर साल बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं.लैंसेट की रिपोर्ट में खराब हवा की वजह से हर साल होने वाली मौतों का आंकड़ा जारी किया गया है, जो डरा देने वाला है.
जैसे-जैसे वक्त बदल रहा है, हम मॉर्डन हो रहे हैं वैसे ही वायु प्रदूषण (Air Pollution Deaths) भी तेजी से बढ़ रहा है. विकास अपने साथ विनाश लेकर आता है, ये कहावत बिल्कुल सच साबित हो रही है. सुख सुविधाएं बढ़ रही हैं, तो प्रदूषण भी बढ़ रहा है. आज सड़कों पर तेजी से दौड़ती मौटर गाड़ियां हैं, पेट्रोल-डीजल से निकलने वाले जहर की वजह से आबोहवा भी खराब हो रही है. वहीं फैक्ट्रियों से निकलने वाले काले धुएं से भी हवा जहरीली हो रही है और जानलेवा साबित हो रही है. दिल्ली और मुंबई समेत देश के 10 शहरों में 7 फीसदी मौतों के लिए वायु प्रदूषण ही जिम्मेदार है, सालान 33 हजार भारतीयों की मौत खराब हवा की वजह से ही हो रही है, ये दावा रिपोर्ट में भी किया गया है.
33 हजार जिंदगियां निकल गया वायु प्रदूषण
लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ में प्रकाशित हुई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के 10 शहरों में हर साल करीब 33 हजार मौतों की वजह वायु प्रदूषण है, हवा का स्तर भारत की राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सीमा से नीचे है. रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के क्लीन एयर नोम्स वर्तमान में प्रत्येक घन मीटर हवा में 15 माइक्रोग्राम के विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देश से काफी ऊपर हैं. रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि लोगों को प्रदूषित हवा के खतरे से बचाने के लिए भारत को कम से कम WHO के दिशानिर्देशों के मुताबिक, अपने क्लीन एयर नोम्स में बदलाव करने की जरूरत है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में साफ हवा के मानक, इंटरनेशनल लेवल पर साफ हवा के मानकों से पहले ही ज्यादा हैं, लेकिन कई शहरों में तय मानकों से भी कई गुना ज्यादा प्रदूषण है, जो एक बड़ी समस्या है. यही वजह है कि लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं.
देश के 10 जहरीली हवा वाले शहर
- अहमदाबाद
- बंगलूरू
- चेन्नई
- दिल्ली
- मुंबई
- पुणे
- हैदराबाद
- कोलकाता
- शिमला
- वाराणसी


