7 जुलाई 2023 ! उत्तर प्रदेश के बलिया में हीट वेव के बीच 68 लोगों की मौत के मामले की जाँच जारी है. लेकिन अब भी बड़ी संख्या में मरीज़ अस्पताल में भर्ती हैं.
बलिया का मामला सबसे पहले उस समय सुर्ख़ियों में आया, जब कुछ दिनों के अंदर 54 लोगों की मौत का मामला आया.
इसके बाद ये संख्या 68 तक पहुँच गई. बाद में सरकार ने जाँच टीम का गठन किया. लेकिन अभी तक जाँच टीम की रिपोर्ट नहीं आई है. अस्पताल में व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं.
बीबीसी की टीम जब बलिया के ज़िला अस्पताल पहुँची, तो अस्पताल के कई वार्ड मरीज़ों से भरे दिखे.
इसी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बलिया के चितवाड़ा गाँव से आए हरेंद्र यादव स्ट्रेचर पर लेटी 65 साल की अपनी माँ लीलावती देवी का इलाज शुरू होने का इंतज़ार कर रहे थे.
उनका गाँव ज़िला अस्पताल से 22 किलोमीटर की दूरी पर है.
हरेंद्र कहते हैं कि वो पहले अपनी माँ को गाँव के पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर गए, लेकिन वहाँ उन्हें रेस्पांस नहीं मिला.
इसके बाद वो अपनी माँ को सीधे ज़िला अस्पताल लेकर आए.
वो बताते हैं, “इनको कल उल्टी हुई, गर्मी लगी और उनकी तबियत ठीक नहीं है. अब देखिए कब तक इलाज शुरू होता है. हमारे गाँव में बहुत ज़्यादा बुज़ुर्ग लोग बीमार पड़ रहे हैं.”
हरेंद्र के बगल वाले स्ट्रेचर के पास अनिल कुमार अपने भतीजे कृष्णा कुमार के इलाज के इंतज़ार में खड़े हुए हैं.
वो कहते हैं कि कृष्णा का सुबह 10 से 11 बजे शरीर गरम हो गया, इसके बाद वे अपने भतीजे को सीधे ज़िला अस्पताल लेकर आ गए.
कृष्णा घर के किसी कार्यक्रम में बाहर गए थे और उनकी अचानक तबियत ख़राब हो गई.
इमरजेंसी के साथ जुड़े डॉक्टर से बीबीसी ने बात करने की कोशिश, लेकिन व्यस्तता के कारण उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया.
बलिया के ज़िला अस्पताल के इमरजेंसी में कई बुर्ज़ुगों को भर्ती कराया गया है.
इसी वार्ड में 80 साल के सुरनाथ चौधरी अपने बिस्तर पर बैठे हैं और ऑक्सीजन देने के बावजूद गहरी साँसे भर रहे हैं.
उनके पोते बृजेश यादव एक गीले गमछे से उनकी पीठ पोंछ रहे हैं. इस उम्मीद में कि उन्हें उससे थोड़ा आराम मिलेगा और उनका ऑक्सीजन लेवल बढ़ेगा.
ब्रजेश बताते हैं कि वो अपने दादा को 25 किलोमीटर दूर राजपुर से ज़िला अस्पताल लेकर पहुँचे हैं.
ब्रजेश कहते हैं, “सुबह से इनका ऑक्सीजन लेवल बढ़ नहीं रहा है. इन्हें साँस की तकलीफ़ हो रही है. घर में बैठे थे अचानक इनको तकलीफ़ हो गई. गर्मी तो है, इसलिए गर्मी की वजह से हो रहा है. गर्मी की वजह से हम इन्हें पानी लगा कर पोंछ रहे हैं.”
लेखपाल छट्ठू यादव अपने साथ काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश कुमार को लेकर अस्पताल आए हैं.
वो बताते हैं, “काम के बोझ और तेज़ धूप की वजह से उनकी ऐसी स्थिति हो गई है.”
सोर्स :-“BBC न्यूज़ हिंदी”
