भिलाई । भिलाई-चरोदा नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 382.14 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। सोमवार को महापौर निर्मल कोसरे ने बजट प्रस्तुत करते हुए शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जल प्रबंधन और अधोसंरचना विकास पर विशेष जोर दिया।
बजट में निगम के चार मंगल भवनों और मुख्य कार्यालय में सोलर लाइट लगाने का प्रावधान किया गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने वाले भवनों को 10 प्रतिशत टैक्स छूट और अग्रिम कर भुगतान पर 5 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की गई है।
प्रकाश और सड़क सुधार पर खर्च
शहर की प्रकाश व्यवस्था के लिए 2.90 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इसमें मोरीद से उरला, उम्दा चौक से ट्रांसपोर्ट नगर, सिरसा क्षेत्र सहित कई प्रमुख मार्गों पर लाइटिंग और सड़क सुधार कार्य शामिल हैं। नए विद्युत पोल लगाने के लिए भी अलग से बजट निर्धारित किया गया है।
पेयजल व्यवस्था पर बड़ा फोकस
जल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से मोरीद जलाशय में इंटेकवेल निर्माण और नई पाइपलाइन बिछाने की योजना है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में ऊंची पानी टंकियों के निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपए, पाइपलाइन विस्तार, नलकूप और जल संधारण के लिए भी अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
स्वच्छता और अन्य योजनाएं
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 4.85 करोड़ रुपए, सीवर लाइन के लिए 1 करोड़ रुपए और छह नए “मनी कंचन केंद्र” बनाने के लिए 1.65 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण के लिए 4.8 करोड़ रुपए और ग्रामीण वार्डों में छह मंगल भवनों के निर्माण का भी प्रावधान है।
पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा जाएगा
मुख्यमंत्री नगरोधन योजना, मिनी स्टेडियम, टप्पा तालाब सुंदरीकरण, मुक्तिधाम विकास और खेल मैदान जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
विपक्ष का विरोध
बजट पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नेता प्रतिपक्ष रामखिलावन ने इसे “छलावा” बताते हुए पेयजल संकट पर चिंता जताई। वहीं पार्षद चंद्र प्रकाश पांडे ने कहा कि पूर्व की घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हुई हैं। डबरापारा के पार्षद तुलसी ने भी विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरा।
नगर निगम का यह बजट जहां विकास कार्यों की बड़ी रूपरेखा पेश करता है, वहीं इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
