29 जुलाई 2023 ! बुद्धेश्वर महादेव के श्रृंगार की सबसे खास बात यह है कि, यह श्रृंगार शयन आरती के पहले किया जाता है, उसके बाद बाबा की शयन आरती की जाती है.
हर दिन बाबा को नया रूप देने से उनका भव्य श्रृंगार भक्तों के मन को मोह लेता. यह रूपांतरण उनकी दिव्यता और प्रभाव को प्रकट करता है, जिससे भक्त उनके प्रति आदर्श और श्रद्धा व्यक्त करते हैं.
प्रतिदिन बाबा का श्रृंगार ताजगी भरे फूलों से किया जाता है, जो उनकी दिव्यता को प्रकट करते हैं. उनके गर्भगृह को पूरी श्रद्धा से सजाया जाता है, जिससे बाबा केगर्भगृह का आकर्षण बढ़ जाता है.
बाबा का श्रृंगार होने के बाद रात 12 बजे तक शयन आरती होती है
सोर्स :-“न्यूज़ 18 हिंदी|”
