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अमेरिका को “मिट्टी में मिलाने वाला था चीन”, यूएस के रेल नेटवर्क समेत बुनियादी ढांचों को हैक करने की थी योजना

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26 मई 2023 ! चालबाज चीन “अमेरिका को मिट्टी में मिलाने की साजिश” में था और अभी भी जुटा है। चीनी हैकरों का नेटवर्क अमेरिका की रेलवे प्रणालियों समेत सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों और पाइपलाइन प्रोजेक्टों को हैक करने की योजना पर काम कर रहे हैं। इस बात की जानकारी होने पर अमेरिका के खुफिया और सुरक्षा विभाग में भी हड़कंप मच गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को चीनी हैकरों की इस साजिश से सचेत करने वाली चेतावनी पूरे देश में जारी कर दी है। जिसमें कहा गया है कि चीन अमेरिका की पाइपलाइनों, रेल प्रणालियों सहित बुनियादी ढांचे को हैक कर सकता है। शोधकर्ताओं ने जांच में पाया कि चीन अमेरिका के सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर साइबर हमले की योजना बना चुका है और वह इसमें सक्षम भी है। इतना ही नहीं, चीन का हैकिंग समूह ऐसे सभी अमेरिकी नेटवर्क की जासूसी भी कर रहा है।

जांच में पता चला है कि अमेरिकी सेना से लेकर अन्य समस्त सरकारी विभाग चीनी हैकरों के निशाने पर थे और अभी भी हैं। अमेरिका के अलावा कई अन्य पश्चिमी देशों पर भी चीन साइबर हमला करने की फिराक में है। इस बाबत अमेरिका ने बहु-राष्ट्र चेतावनी जारी की है। इसमें बताया गया है कि चीनी द्वारा साइबर-जासूसी अभियान संयुक्त राज्य अमेरिका में सैन्य और सरकारी लक्ष्यों को निशाना बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। हालांकि चीनी सरकार ने अमेरिका के इस दावे को खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा जारी यह चेतावनी को “सामूहिक दुष्प्रचार अभियान” है। हमारे द्वारा अमेरिका या किसी पश्चिमी देश को टार्गेट नहीं किया जा रहा है।

चीन की चाल को पहचानने के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वे अभी भी खतरे से निपटने की प्रक्रिया में हैं। रॉयटर न्यूज एजेंसी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NSA) के साइबर सुरक्षा निदेशक रॉब जॉयस ने बताया, “हमारे पास कम से कम एक स्थान था, जिसके बारे में हमें पता नहीं था.. क्योंकि हंट गाइड जारी किया गया था जो डेटा और जानकारी के साथ प्रकाश में आया था। फिलहाल चीनी जासूसों का पता लगाने के लिए अमेरिकी एजेंसी ने अपने महत्वपूर्ण सेवा प्रदाताओं को तकनीकी विवरणों का खुलासा किया है। यूएस साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (सीआईएसए) ने अलग-अलग बयान में कहा है कि वह चीन की “संभावित घुसपैठ और संबंधित प्रभावों के असर” को समझने के लिए काम कर रहे हैं।

चीनी हैकरों की मंसा का पर्दाफाश होने के बाद अब अमेरिकी सुरथक्षा एजेंसिया ड्रैगन की हर साजिश को नाकाम करनें जुट गई हैं। सीआइएसए के कार्यकारी सहायक निदेशक, एरिक गोल्डस्टीन ने बताया कि इस चेतावनी से उन्हें जहां जरूरत होगी वहां सहायता प्रदान करने और दुश्मन की रणनीति को अधिक प्रभावी ढंग से समझने में मदद मिलेगी। शोधकर्ताओं और अधिकारियों के अनुसार चीन की नियमित जासूसी के कार्यों की तुलना में इस गुप्त जासूसी कार्य के खिलाफ बचाव बड़ी चुनौती है। गोल्डस्टीन ने कहा, “इन मामलों में विरोधी अक्सर लक्ष्य नेटवर्क पर अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पहुंच प्राप्त करने के लिए वैध साख और वैध नेटवर्क प्रशासन उपकरण का उपयोग कर रहे हैं, जिन्हें पहचान के कई पारंपरिक तरीके जैसे एंटीवायरस, इन घुसपैठों को नहीं ढूंढ पाएंगे।

सोर्स :-” इंडिया TV ”              


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