इस साल होने वाले वाले चुनावी राज्यों के साथ ही दिल्ली में कांग्रेस ने संविधान रक्षा अभियान लॉन्च कर दिया है. पार्टी का कहना है कि जल्दी ही इसे पूरे देश में किया जाएगा. कांग्रेस ने नारा दिया है- हम पहुंचेंगे हर घर तक, न्याय का हक मिलने तक.
पिछले लोकसभा चुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक बार फिर संविधान बचाओ, आरक्षण की रक्षा और दलित-पिछड़े वर्ग को न्याय का मुद्दा बनाया है. कांग्रेस ने अपने नए संविधान रक्षक अभियान के ज़रिए विशेष तौर पर दलित मतदाताओं पर नज़रें गड़ा दी हैं. खास बात ये है कि इस मुहिम की शुरुआत राजधानी दिल्ली से की गई है जहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के रास्ते अब जुदा हो चुके हैं. कांग्रेस ने नई मुहिम के जरिए अगले साल दिल्ली के साथ ही इस साल अंत तक होने वाले चार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने सुनहरे दिन वापस पाने का सपना संजोना शुरू दिया है.
अपने इस मिशन को साधने के लिए कांग्रेस ने संविधान रक्षक अभियान को लॉन्च किया है. हालांकि पार्टी ने कहा है यह अभियान 16 अगस्त से 26 नवम्बर तक देश भर में चलाया जाएगा. लेकिन इसे हरियाणा समेत चुनावी राज्यों के अलावा दिल्ली में भी लॉन्च किया गया है. इसका संकेत साफ है. लोकसभा चुनाव में साथ लड़ने के बाद कांग्रेस दिल्ली में अपनी ज़मीन दोबारा हासिल करने के लिए ज़ोर-आजमाइश करने जा रही है.
संविधान बचाओ नारा से मिला लाभ
पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संविधान बचाओ का नारा दिया था. कांग्रेस लोकसभा चुनावों में संविधान की रक्षा और आरक्षण बचाओ के नैरेटिव को सफलता की कुंजी मान रही है. कांग्रेस अब राज्यों के चुनावों में भी इस मुद्दे को उठाये रखना चाहती है. चुनावी विश्लेषक भी मानते हैं कि यूपी, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इंडिया गठबंधन की सफलता में इसकी भी बड़ी भूमिका रही.
हालांकि कैंपेन लॉंचिंग के वक्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने साफ किया है कि यह अभियान सिर्फ कांग्रेस पार्टी का है. इस दौरान उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हमारी तरफ लोग लौट रहे हैं.
क्या है कांग्रेस की रणनीति?
अजय माकन के मुताबिक इस अभियान के तहत अभी तक 3 लाख संविधान रक्षक बनाये जा चुके हैं. कांग्रेस ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जन जन तक पहुंचने की रणनीति बनाई है. मसलन
- शहरी इलाकों में हर वार्ड में एक पुरुष और एक महिला को संविधान रक्षक नियुक्त किया गया है, जो मास्टर ट्रेनर भी होंगे. उसके बाद वहां एक वार्ड संविधान समिति का गठन किया गया है.
- वहीं ग्रामीण इलाकों में हर गांव में भी एक महिला और पुरुष को संविधान रक्षक की नियुक्ति की गई है. वहां वो मास्टर ट्रेनर हैं. साथ ही वहां ग्रामीण संविधान रक्षा समिति भी गठित की गई है.
अजय माकन ने कहा कि इनका काम लोगों के बीच संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ जैसे मुद्दों पर चर्चा कराना और उनके बीच जाकर उनके कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है. कुल मिलाकर कांग्रेस की रणनीति ये होगी कि बीजेपी के खिलाफ संविधान और आरक्षण विरोध के नैरेटिव को बनाये रखा जाए.
संविधान दिवस पर समापन
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश भर में यह अभियान 100 दिनों तक चलेगा. इस अभियान के बाद 26 नवंबर को संविधान दिवस के दिन इसका समापन बड़े पैमाने पर दिल्ली के ही तालकटोरा स्टेडियम में किया जाएगा. कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश में जो माहौल है, उसमें बहुत जरूरी है कि हम सभी संविधान रक्षक के रूप में आगे आएं. पिछले कुछ समय से देश के संविधान पर हमला किया जा रहा है, लोगों को उनका हक मिलना चाहिए.
SOURCE – TV9 BHARATVARSH
