• June 7, 2026 3:46 am

रेलवे के सबसे बड़े सोलर प्लांट से शुरू होगा बिजली का उत्पादन, प्लांट की उत्पादन क्षमता 50 मेगावाट

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12 दिसंबर 2022 |  भारतीय रेल का सबसे अधिक उत्पादन क्षमता वाला (लैंड बेस्ड) सोलर प्लांट दुर्ग जिले के चरोदा में तैयार हो गया है। इसी माह इससे ग्रीन एनर्जी का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे रेलवे मेगावाट क्षमता तक ग्रीन एनर्जी का उत्पादन कर सकेगा। यह प्लांट करीब दो सौ एकड़ जमीन पर फैला है। इस प्लांट में पैदा होने वाली ग्रीन एनर्जी को रेलवे पावर ग्रिड कारपोरेशन को देगा। उतनी ही बिजली रेलवे अपनी आवश्यकतानुसार दूसरी जगह पर ग्रिड से ले लेगा। सीनियर डीसीएम, रेलवे डा विपिन वैष्णव का कहना है कि सोलर प्लांट का काम लगभग पूरा हो गया है। संभवत दिसंबर में ही इससे बिजली उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

भारतीय रेल ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहा है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म, भवनों की छतों पर सोलर प्लांट (रूफ टाप बेस्ड)लगाए जा रहे हैं। वहीं रेलवे की खाली जमीनों पर भी सोलर प्लांट (लैंड बेस्ड) पर काम चल रहा है। इसी योजना के तहत रेलवे बोर्ड ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले चरोदा मार्शलिंग यार्ड की खाली पड़ी जमीन जो फोरलेन के ठीक किनारे है उस पर 50 मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाने निर्णय लिया था। शेरिशा रूफटाप कंपनी को इसका कांट्रेक्ट मिला और तीन साल पहले इस पर काम शुरू किया गया था। कोरोनाकाल की वजह से बीच शुरूआती दौर में काम प्रभावित रहा। वहीं यहां उत्पादन होने वाली बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए 11 केवी क्षमता की लाइन बिछाने वाले मार्ग में निजी जमीन होने से भी कुछ दिक्कतें आई थी। वर्तमान में इस सोलर प्लांट का काम पूरा हो गया है।

सोर्स :-“नईदुनिया”     

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